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नेताजी तो ठीक से बिहार नहीं लिख पाते! आखिर क्यों दिलीप जायसवाल की चिट्टी को लेकर मचा बवाल




पटना:

बिहार के पूर्व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें बड़ी लेखन गलतियां देखने को मिल रही हैं. आरजेडी ने इस मौके पर मजे लेते हुए गलतियों की ओर ध्यान दिलाया है. इसके बाद, दिलीप जायसवाल सोशल मीडिया पर ट्रोल होने लगे हैं.

डॉ. दिलीप जायसवाल का इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उन्होंने बिहार को ‘विहार’, सूचित को ‘सुचित’, डॉ. को ‘डा’ और इस्तीफा को ‘इस्तिफा’ लिखा है. इसके अलावा, उन्होंने कार्यवाही को ‘कार्रवायी’ लिखा है. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर मजे लिए हैं और कहा है कि बिहार के मंत्री जी ‘इस्तिफ़ा’ दे रहे हैं, लेकिन इस्तीफा तक नहीं लिख पा रहे हैं.

आरजेडी ने एक्स पर लिखा, ‘ये बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष है. अभी मंत्री भी थे. विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री को दो लाइन का त्यागपत्र भी नहीं लिखना आता है. बिहार तक भी सही नहीं लिखा है जनाब ने? ये मेडिकल कॉलेज के मालिक भी है. पत्र में अशुद्धियां गिनाइए.’

आरजेडी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘बीजेपी का चौथी पास “डॉक्टरेट”. ये साहब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, बिहार सरकार में मंत्री भी थे. एक मेडिकल कॉलेज के मालिक भी है. बड़बोलेपन में इनका कोई मुकाबला नहीं. Entire Political Science पढ़ते हुए इस्तीफा लिखा है.

जायसवाल बिहार सरकार में महत्वपूर्ण राजस्व और भूमि सुधार मंत्री थे. राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के साथ भाजपा के सत्ता में लौटने के बाद उन्हें पिछले साल जनवरी में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. उनसे यह पूछा गया कि उनके इस्तीफे का राज्य की महत्वाकांक्षी, भूमि रिकॉर्ड पर नए सिरे से सर्वेक्षण की योजना पर क्या असर पड़ेगा? इस पर उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने यह विभाग अपने पास ही रखा है. जल्द ही कोई उपयुक्त प्रतिस्थापन अवश्य होगा.’

कौन है दिलीप कुमार जायसवाल?
दिलीप कुमार जायसवाल का जन्म 3 दिसंबर 1963 को हुआ था. वे तीन बार बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और 2014 में किशनगंज से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. जायसवाल के पास विभिन्न महत्वपूर्ण पदों का अनुभव है, जिनमें बिहार के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री, बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक, सिक्किम भाजपा के राज्य प्रभारी और माता गुजरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, किशनगंज के प्रबंध निदेशक शामिल हैं. उन्होंने 2005 से 2008 तक बिहार राज्य भंडारण निगम के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और 20 से अधिक वर्षों तक बिहार भाजपा के राज्य कोषाध्यक्ष रहे.






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