west bengal 25 thousand teachers and school staff jobs or lose supreme court verdict
Supreme Court Verdict on Bengal Teachers: पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार (3 अप्रैल) को फैसला सुनाएगा. राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के खिलाफ याचिका दाखिल की है. राज्य सरकार ने 25,753 शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की नौकरी रद्द करने के आदेश को भी चुनौती दी है. पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका के अलावा 123 दूसरी याचिकाओं पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी.
7 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने नौकरी रद्द करने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी. हालांकि, कोर्ट ने सीबीआई को जांच जारी रखने के लिए कहा था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि इनमें से जितने लोगों की भर्ती भ्रष्टाचार के जरिए हुई है, उनको ही नौकरी से बाहर करना बेहतर होगा. राज्य सरकार ने दावा किया था कि 7-8 हज़ार लोगों ने गलत तरीके से नौकरी पाई है. हालांकि, कोर्ट में इस बारे में संतोषजनक आंकड़ा रखा नहीं गया.
2016 की भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
2016 में स्टेट स्कूल सर्विस कमीशन के ज़रिए हुई इस भर्ती के लिए 23 लाख से ज़्यादा लोगों ने परीक्षा दी थी. नियुक्ति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. आखिरकार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच सौंपी. सभी भर्तियों को रद्द करने और नौकरी पाए लोगों से वेतन की वसूली का भी आदेश दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने की कठोर टिप्पणी
इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी कठोर टिप्पणियां कीं. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को इस नियुक्ति से जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखना चाहिए था. कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह व्यवस्थागत तरीके से हुई गड़बड़ी है. सरकारी नौकरियां बहुत कम हैं. लोग उन्हें हासिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास करते हैं. अगर जनता का विश्वास चला गया तो कुछ नही बचेगा.