Waqf Amendment Bill Present In Parliament BJP Congress Samajwadi Party AIMIM Lok Sabha Rajya Sabha Big Updates | लोकसभा-राज्यसभा में 8-8 घंटे होगी चर्चा, सांसदों को जारी हुआ व्हिप… वक्फ बिल पर सरकार तैयार तो विपक्ष करेगा वार
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए लोकसभा में बुधवार (02 अप्रैल, 2025) को विचार किया जाएगा. इसके बाद इसे पारित कराने के लिए दृढ़संकल्पित सरकार और प्रस्तावित कानून को असंवैधानिक बताकर इसकी निंदा करने वाले विपक्ष के बीच टकराव का मंच तैयार हो गया है. राज्यसभा में इस पर गुरुवार (03 मार्च, 2025) को चर्चा होने की उम्मीद है.
बड़ी बातें-
1. दोनों सदनों में प्रस्तावित कानून पर चर्चा के लिए आठ-आठ घंटे आवंटित किए गए हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बाद चार सबसे बड़े घटकों- तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू), शिवसेना और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)- ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सरकार के रुख का समर्थन करने को कहा है.
2. उधर, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के सभी लोकसभा सांसदों को सूचना दी गई है कि बुधवार दिनांक 2 अप्रैल, 2025 कुछ विधायी कार्य चर्चा के लिये लाये जा रहे हैं. पार्टी के सभी सदस्यों से निवेदन किया गया है कि वे पूरे समय सदन में उपस्थित रहें और पार्टी के निर्देशों का पालन करें.
3. लोकसभा में कांग्रेस को करीब सौ मिनट का समय मिला है. संभावित वक्ता गौरव गोगोई, इमरान मसूद, मोहम्मद जावेद हो सकते हैं. ये तीनों वक़्फ़ जेपीसी के सदस्य थे. कल लोकसभा में बीजेपी की तरफ़ से अनुराग ठाकुर, जगदंबिका पाल, अभिजीत गांगुली, रविशंकर प्रसाद, तेजस्वी सूर्या और निशिकांत दुबे बोल सकते हैं. टीएमसी से कल्याण बनर्जी और अबू ताहिर खान लोक सभा में बोलेंगे. तृणमूल कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा में मौसम नूर और नदीम चर्चा में हिस्सा लेंगे. शिवसेना की तरफ से लोकसभा में श्रीकांत शिंदे और नरेश महस्के स्पीकर रह सकते हैं. समाजवादी पार्टी से वक़्फ़ बिल पर इकरा चौधरी, मोहिबुल्लाह नदवी और अखिलेश यादव स्पीकर रह सकते हैं.
4. इस मुद्दे पर गतिरोध से कोई खास फर्क नहीं पड़ता दिख रहा क्योंकि लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के पक्ष में संख्याबल है. लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को सुना नहीं जा रहा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चर्चा के लिए और अधिक समय आवंटित करने की मांग कर रहे थे और चाहते थे कि सदन में मणिपुर की स्थिति और मतदाता पहचान पत्र से जुड़े विवाद जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो.
5. गोगोई ने कहा कि बीएसी बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई और विपक्षी दलों के नेता बैठक छोड़कर बाहर आ गए. रीजिजू ने कहा कि कई दल चार से छह घंटे की चर्चा चाहते थे, वहीं विपक्षी दलों के सदस्य 12 घंटे की चर्चा कराने पर अड़े रहे. उन्होंने कहा कि सदन की भावना के अनुरूप इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है.
6. बाद में राज्यसभा की बीएसी की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि विधेयक पर गुरुवार को चर्चा कराई जाएगी और उम्मीद की जा रही है कि तब तक निचले सदन से विधेयक को मंजूरी मिल जाएगी. विधेयक के मुखर विरोधी एआईएमआईएम सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा कि वह सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान बताएंगे कि यह किस तरह ‘असंवैधानिक’ है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों पर नियंत्रण के मकसद से लाया गया है और जनता टीडीपी और जेडीयू जैसे बीजेपी के सहयोगी दलों को सबक सिखाएगी.
7. लोकसभा में 542 सदस्यों में राजग के 293 सांसद हैं और भाजपा कई मौकों पर कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन हासिल करने में सफल रही है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक टीडीपी, जेडीयू और चिराग पासवान नीत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे बीजेपी के बड़े सहयोगी दलों ने शुरू में विधेयक के कुछ पहलुओं पर आपत्ति जताई, लेकिन संसद की संयुक्त समिति की ओर से उनके कुछ सुझावों को अपनाये जाने के बाद वे विधेयक का समर्थन कर सकते हैं.
8. इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने भी अपनी रणनीति पर चर्चा की, जिसमें कांग्रेस के राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
9. बैठक में डीएमके सदस्य टीआर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोई, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा, माकपा के जॉन ब्रिटास, एसपीआई के संदोष कुमार पी, आरएसपी के एन. के. प्रेमचंद्रन और एमडीएमके नेता वाइको भी मौजूद थे.
10. विपक्षी दल विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक एवं मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठन विधेयक के खिलाफ एकजुट हैं. विधेयक में भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार का प्रावधान प्रस्तावित है. संसद का बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म होगा.
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