Waqf Amendment Bill Pass In Rajya Sabha After More than 12 Hours Long Discussion Big Updates | 12 घंटे से ज्यादा चर्चा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक, जानें राज्यसभा में क्या क्या हुआ
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर 12 घंटे से अधिक लंबी बहस के बाद बुधवार (02 अप्रैल, 2025) देर रात लोकसभा में इसे पारित कर दिया गया. इसके बाद इस विधेयक को गुरुवार (03 अप्रैल, 2025) को राज्यसभा में चर्चा के लिए रखा गया. यहां से भी ये बिल पास हो गया. बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि विरोध में 95 वोट पड़े. इस दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जेपीसी के कई सुझावों को स्वीकार किया गया.
जानें बड़ी बातें-
1. इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन से पूछा कि वक्फ बिल पर चर्चा इतनी देर से क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि चर्चा के लिए आठ घंटे का समय दिया गया था, लेकिन सदन इतनी देर से चल रहा है.
2. राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इस बिल में कई खामियां हैं. वक्फ संशोधन बिल अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट कम हो गया है और जो अलॉट है, उसे ही सरकार खत्म नहीं कर पा रही है.
3. कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “मैं गृह मंत्री अमित शाह से अपील करूंगा कि आप इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा मत बनाओ. मुसलमानों के लिए ये अच्छा नहीं है और संविधान के ये खिलाफ है. सौहार्द के माहौल को कायम रखने की कोशिश करो, छेड़ने की नहीं.”
4. राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने कहा, “वक्फ संशोधन बिल का मूल मंत्र है- पारदर्शिता और जवाबदेही लाना, क्योंकि 2013-25 के बीच में यह कानून गलत दिशा में था. इससे मुस्लिम भाइयों का बहुत नुकसान हुआ है. इसमें जमीन माफियाओं ने बहुत मलाई खायी है.”
5. जेपी नड्डा ने कहा, “1913 से 2013 तक वक्फ के पास 18 लाख हेक्टेयर संपत्ति थी. 2013 से अब तक वक्फ संपत्तियों में 21 लाख हेक्टेयर जमीन जुड़ गई है. इन जमीनों और संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए हमने 2013 के वक्फ अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. यह समझना महत्वपूर्ण है कि कानून एक विकसित प्रक्रिया है.”
6. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा के कुछ वरिष्ठ सदस्यों पर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि वे (ये सदस्य) चर्चा का जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद नहीं रहते हैं. रिजिजू निर्दलीय सदस्य कपिल सिब्बल की टिप्पणियों का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने विधेयक का विरोध किया. मंत्री ने कहा कि सिब्बल ने वक्फ निकायों की संपत्तियों की तुलना अन्य धार्मिक निकायों की संपत्तियों से कर विधेयक पर भ्रम पैदा किया है.
7. उच्च सदन में वक्फ़ संशोधन विधेयक, 2025 और मुसलमान वक्फ़ (निरसन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सिब्बल ने प्रस्तावित कानून का विरोध किया और कहा कि गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ बनाने का अधिकार है. उन्होंने कहा, ‘‘जब जमीन मेरी है तो आप इसके लिए कानून बनाने वाले कौन होते हैं.’’ उन्होंने विभिन्न उच्च न्यायालयों के फैसलों का जिक्र किया.
8. उन्होंने कहा कि चार राज्यों में हिंदू (धार्मिक) संस्थानों में 10 लाख एकड़ से अधिक भूमि है. सिब्बल ने कहा, ‘‘हिंदू धर्म में, स्व-अर्जित संपत्ति बेटों को दी जा सकती है, बेटियों को नहीं.’’
9. सभापति जगदीप धनखड़ ने सिब्बल को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने (सिब्बल ने) अलग-अलग कानूनी स्पष्टीकरण दिए हैं. धनखड़ ने कहा कि स्व-अर्जित संपत्ति बेटे, बेटी या किसी और को दी जा सकती है, क्योंकि यह देश का कानून है.
10. चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि अगर सरकार मुसलमानों के कल्याण के बारे में चिंतित है तो उसे इस विधेयक को सदन में लाने से पहले समुदाय को विश्वास में लेना चाहिए था.
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