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Tirupati laddus row Will not allow court to be used as political battleground says Supreme Court


Tirupati Laddu Prasadam Controversy: तिरुपति के प्रसाद के लड्डुओं में पशु चर्बी की मिलावट वाले घी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. सुनवाई के दौरान SC ने कहा कि यह करोड़ो लोगों की आस्था का सवाल है. 

इस मामले की जांच के लिए कोर्ट ने पांच सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दिया. इसमें सीबीआई, पुलिस और FSSAI के अधिकारी शामिल होंगे. 

कोर्ट को नहीं बनने देंगे राजनीति का अखाड़ा

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश की मौजूदा सरकार और याचिकाकर्ताओं द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपों पर ऐतराज जताया. कोर्ट ने कहा कि वो कोर्ट को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे. न्यायमूर्ति बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने टिप्पणी तिरुपति के प्रसाद के लड्डुओं में मिलावटी घी के इस्तेमाल के आरोपों की निष्पक्ष जांच मांगने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की. 

भक्तों की भावनाएं हुईं आहत 
 
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इन आरोपों की वजह से करोड़ों भक्तों की भावनाएं आहत हुईं हैं. लोगों की संतुष्टि के लिए अब स्वतंत्र SIT की जांच होनी चाहिए. 

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने किया था ये दावा

इस मामले पर तब विवाद हुआ था जब 18 सितंबर को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि तिरुपति के प्रसाद के लड्डुओं में पशु चर्बी वाले मिलावटी घी का प्रयोग हुआ था.इसको लेकर उन्होंने  लैब की जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक की थी. इस रिपोर्ट के बाद काफी ज्यादा विवाद हुआ था. इसकी जांच के लिए सरकार ने SIT का भी गठन किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थी. इन याचिकाओं में  सेवानिवृत न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई थी. 



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