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RJD MP Manoj Jha big statement Waqf Amendment Bill said situation will be like farmer laws | Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर आरजेडी सांसद मनोज झा का बड़ा बयान, कहा


Waqf Amendment Bill in Lok Sabha: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर देशभर में बहस जारी है. इस बीच आरजेडी (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्दबाजी की, तो वही हाल इस विधेयक का हो सकता है जो तीन कृषि कानूनों का हुआ था. 

उन्होंने कहा, ‘कई बार बहुमत मिलने के बाद बुद्धि चली जाती है. हर संवैधानिक आधार का उल्लंघन हो रहा है. हमने (विपक्ष) किसान आंदोलन के दौरान भी कहा था कि जल्दबाजी न की जाए, लेकिन सरकार ने जल्दबाजी की और फिर क्या हुआ? तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा. अब वही हाल यहां भी न हो जाए.’

सरकार के फैसले पर विपक्ष की चिंता

मनोज झा ने कहा कि विपक्ष ने इस विधेयक को लेकर अपनी चिंताएं पहले ही व्यक्त की हैं, लेकिन सरकार ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया है. उनका कहना था कि अगर सरकार ने इस विधेयक पर जल्दबाजी की, तो इसका परिणाम सरकार को भविष्य में भुगतना पड़ सकता है, जैसा कि कृषि कानूनों के मामले में हुआ था.

केंद्र सरकार के लिए चेतावनी

यह बयान उस समय आया है जब वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश होने वाला है और विपक्ष इसे लेकर विरोध जता रहा है. मनोज झा का यह बयान केंद्र सरकार के लिए एक चेतावनी है कि अगर वह जल्दबाजी में निर्णय लेगी, तो भविष्य में इसे वापस लेने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

क्या है वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 का मकसद 

वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 का मकसद वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के रेगुलेशन और मैनेजमेंट में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान किया जा सके. इस नए संशोधित बिल को लाने का मकसद पिछले कानून में जो कमियां है उसे दूर करना और अधिनियम का नाम बदलने जैसे बदलाव करके वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बेहतर करना भी है. 

इसके साथ ही वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार करना, वक्फ रिकॉर्ड के मैनेजटमेंट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना भी है.

विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक संविधान के खिलाफ है और इसका प्रभाव मुस्लिम समुदाय की स्वतंत्रता पर पड़ेगा. अब देखना यह है कि सरकार इस विधेयक पर किस तरह से कदम उठाती है और विपक्ष की चिंताओं को कितना गंभीरता से लेती है.



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