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Raipur Flood Many Houses Of The Village Were Submerged In Water Ann


Raipur Flood: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में मानसून सक्रिय होने के एक महीने बाद, जुलाई के आखिरी सप्ताह में जमकर बारिश हो रही है. गुरुवार (27 जुलाई) रात को राजधानी रायपुर (Raipur) समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश हुई. भारी बारिश का असर राजधानी रायपुर सहित ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला. शहर से 15 किलोमीटर दूर गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. ग्रामीणों को बाढ़ से निकलाने किए एसडीआरएफ (SDRF)की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. हालांकि अभी भी यहां के ग्रामीणों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.

शहर से कुछ दूरी पर स्थित सेजबहार नाम का एक गांव है, इस गांव में 300 घर हैं. गांव में आचनक आई बाढ़ के कारण लगभग आधा गांव खाली हो चुका है. ग्रामीण बता रहे है कि गुरुवार रात को जमकर बारिश हुई है. बारिश के कारण यहां के गली मुहल्लों में थोड़ा बहुत पानी भर हुआ था. वहीं अचानक सुबह 4 बजे के आस पास चीख पुकार शुरू हो गई क्योंकि लोगों के घरों में पानी घुसने लगा, यहां सड़कों और गलियों में पानी नदी की तरह 8 फीट ऊंचा बहने लगा. कच्चे मकान वालों ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई. दूसरे के घरों की छत पर रेस्क्यू के इंतजार में सुबह हुई. सुबह जब एसडीआरएफ की टीम पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली. अब तक करीब 130 लोगों को एसडीआरएफ ने राहत शिविरों तक पहुंचाया है.

अचानक आई बाढ़ से ग्रामिणों को भारी नुकसान

पानी भरने के कारण ग्रामीणों के घरों में रखे राशन सामग्री डूब गई है. गलियों में पार्क गाड़ियां भी पानी में लगभग डूब चुकी हैं. मुसीबत के इस घड़ी में बच्चों ने अपने मनोरंजन का साधन ढूंढ लिया, जहां वे गलियों में बह रहे पानी तैरते नजर आए. जान बचाने के लिए कुछ लोग घरों की छतों पर बैठे हुए नजर आए. खाने बनाने और समुचित राशन की व्यवस्था न होने से यहां के लोग खाना बनाने में असमर्थ हैं. बच्चे भूख से निढ़ाल नजर आए. बाढ़ से पीड़ित बच्चों ने बताया कि सुबह चार बजे के आस पास गांव में पानी भर गया था. घर के लोग अंदर पानी घुसने से रोकने के लिए दरवाजे के बाहर ईंट लगा रहे थे, लेकिन पानी बढ़ता चला गया. जिससे हम लोगों ने भागकर दूसरे के घरों में जाकर अपनी जान बचाई. इस बाढ़ में घर का सारा सामान डूब गया. 

बाढ़ की अफरा तफरी में बुजुर्ग महिला को लगा सदमा

राहत शिविरों में पहुंचे ग्रामीणों ने भी बताया कि रात को सोए थे. लेकिन हमे बिलकुल अंदाजा नहीं था की सुबह बाढ़ सामना होगा. अचानक नींद खुली तो पता चला घर में पानी भर रहा है. डर में अचानक भागने लगे बच्चों के कपड़े तक बचा नहीं पाए है. इस लिए अभी तक बच्चे बिना कपड़ों के ही हैं. एक बुजुर्ग महिला सदमे में है. बड़ी मुश्किल से उसकी जान बची है. उसके परिजनों ने बताया कि बाढ़ आने के बाद बुजुर्ग महिला को घर के छत पर बड़ी मुश्किल से लाए. इसे देखने के बाद महिला ज्यादा बात नहीं कर पा रही है.

आखिर इस गांव में अचानक बाढ़ आई कैसे?

जब एबीपी न्यूज की टीम गांव के सबसे ऊंचे मकान पर पहुंची तब पता चला कि गांव में लगभग सभी घरों में पानी भर गया है. बस्ती के पीछे मौजूद खेत नदीं में तब्दील हो गए हैं. बाढ़ की वजह बारिश के पानी के अलावा गंगरेल डैम और आस पास के खेतों का पानी अचानक गांव में घुसना बताया जा रहा है. ये पानी खारुन नदी की तरफ बहना चाहिए, लेकिन पुल छोटा होने के कारण पानी तेजी से नहीं निकल पाया. हालांकि 15 घंटे के बाद घरों का पानी कम हुआ, लेकिन  अभी घरों में रहने लायक स्थिति नहीं है. यहां 3 से 4 फीट पानी अभी भी भरा हुआ है. 

अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

मौसम मौसम विभाग ने ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी है. अगले 24 घंटे के लिए रायपुर मौसम विभाग ने 12 जिलों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. रायपुर मौसम विभाग के अनुसार इसमें बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर चांपा, रायपुर, बलौदा बाजार, महासमुंद, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव जिले में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है.

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