Rabri Devi, Two Daughters Get Interim Bail In The Land For Job Case – रेलवे में नौकरी के बदले जमीन मामले में राबड़ी देवी, दो बेटियों को अंतरिम जमानत मिली

ईडी द्वारा दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद मामले में अदालत द्वारा जारी समन के अनुपालन में आरोपी अदालत में पेश हुए.
अदालत ने कार्यवाही के दौरान ईडी से पूछा कि उसे आरोपियों की हिरासत की आवश्यकता क्यों है जबकि उसने अपनी जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था.
विशेष लोक अभियोजक ने जवाब दिया कि हालांकि आरोपियों को जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया था, फिर भी किसी भी प्रासंगिक परिस्थिति को रिकॉर्ड पर लाने के लिए जवाब दाखिल करना आवश्यक है.
आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जमानत का अनुरोध करते हुए दावा किया कि ईडी की ओर से जवाब दाखिल करने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं होने के कारण आरोपी जमानत के हकदार थे.
अंतरिम जमानत एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानत बांड पर दी गई.
न्यायाधीश ने मामले में आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद आरोपियों को समन जारी किया था.
कथित घोटाला उस समय का है जब लालू प्रसाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान रेल मंत्री थे.
आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में समूह ‘‘डी” पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और बदले में, इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेल मंत्री प्रसाद के परिवार के सदस्यों और ‘ए के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ को हस्तांतरित कर दी थी.
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज ईडी मामला, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत से सामने आया है.
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