Punjab Assembly Passes Censure motion against BJP over BR Ambedkar Bhagat Singh Photo controversy in Delhi
Punjab News: पंजाब विधानसभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित किया, जिसमें बीजेपी के सत्ता में आने के बाद दिल्ली के मंत्रियों के सरकारी कार्यालयों से बी आर अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाने की निंदा की गई. पंजाब में दो बीजेपी विधायक अश्विनी कुमार और जंगीलाल महाजन निंदा प्रस्ताव पारित होने के समय सदन में मौजूद नहीं थे.
आप ने आरोप लगाया है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय से अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटा दी गई हैं. हालांकि, बीजेपी ने आरोप को अफवाह करार देते हुए आप पर लोगों का ध्यान कैग रिपोर्ट से हटाने का आरोप लगाया, जिनमें से एक मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई. इसमें अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी द्वारा सत्ता में रहने के दौरान किए गए भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था.
वित्त मंत्री ने लगाया ये आरोप
पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रस्ताव पेश किया और राष्ट्रीय नायकों का कथित रूप से अपमान करने के लिए दिल्ली की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बीजेपी के मंत्रियों के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद सरकारी कार्यालयों से अंबेडकर की तस्वीरें हटा दी गईं.
चीमा ने सदन में आरोप लगाया कि बीजेपी दलितों का बड़े पैमाने पर अपमान कर रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी संविधान को बदलना चाहती है. इससे पहले शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए चीमा ने पंजाब विधानसभा से दिल्ली में बीजेपी सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित करने और इसे राष्ट्रपति को भेजने की मांग की.
देश के दलितों का घोर अपमान- हरपाल सिंह चीमा
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में बीजेपी सरकार द्वारा बाबासाहेब अंबेडकर की तस्वीरों को हटाना देश के दलितों का घोर अपमान है. चीमा ने यह भी दावा किया कि केंद्र में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से दलितों पर अत्याचारों में खतरनाक बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि रेप और संविधान के साथ छेड़छाड़ की स्पष्ट कोशिशें लगातार हो रही हैं, जिससे बीजेपी के संविधान को बदलने के इरादों के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं.
अमृतसर में बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति को अपवित्र करने के एक हालिया प्रयास की ओर विधानसभा का ध्यान आकर्षित करते हुए चीमा ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह न्याय को बनाए रखने और अंबेडकर की विरासत की गरिमा की रक्षा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
‘बीजेपी का एजेंडा दलितों को खत्म करना’
पंजाब के वित्त मंत्री ने भी आलोचना की बीजेपी द्वारा स्थापित संस्थाओं को खत्म करने और एक राष्ट्र, एक चुनाव जैसी नीतियां लाने के प्रयासों को संविधान में निहित लोकतांत्रिक सिद्धांतों और अधिकारों को कमजोर करने वाला बताया. विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया. बहस में भाग लेते हुए विधायक सुखविंदर सुखी ने आरोप लगाया कि बीजेपी का एजेंडा दलितों और अल्पसंख्यकों को खत्म करना है.
बसपा विधायक नछत्तर पाल ने भी अंबेडकर की तस्वीरों को कथित रूप से हटाने को लेकर बीजेपी की आलोचना की. आप के आरोप के विरोध में दिल्ली बीजेपी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं और कहा था कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य मंत्रियों के कार्यालयों में महात्मा गांधी, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, भगत सिंह, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें लगी हुई हैं.
अरविंद केजरीवाल ने दिया था ये निर्देश
साल 2022 में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सीएम कार्यालय सहित सरकारी कार्यालयों में केवल बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें ही लगाई जाएंगी. उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में किसी अन्य राजनीतिक नेता की तस्वीर नहीं लगाई जाएगी.