Priyanka Gandhi On Manipur Violence Says Heart Wrenching Pictures Of Sexual Violence Against Women Targeted Pm Modi
Priyanka Gandhi On Manipur Violence: मणिपुर में पुरुषों के एक समूह का दो महिलाओं को सड़क पर बिना कपड़ों के घुमाने का एक भयानक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब इसे लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है.
प्रियंका गांधी ने कहा, “मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है. समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है.”
प्रधानमंत्री पर प्रियंका गांधी का निशाना
प्रियंका गांधी ने कहा, “हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एक स्वर में निंदा करनी पड़ेगी. केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?”
मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है।
हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 19, 2023
वीडियो पर क्या बोले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है. जब मणिपुर में भारत के विचार पर हमला किया जा रहा है तो भारत चुप नहीं रहेगा. हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं. शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.”
PM’s silence and inaction has led Manipur into anarchy.
INDIA will not stay silent while the idea of India is being attacked in Manipur.
We stand with the people of Manipur. Peace is the only way forward.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 19, 2023
4 मई का बताया जा रहा वीडियो
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आईटीएलएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह वीडियो मणिपुर की राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर के कंगपोकपी जिले का है जो 4 मई का बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
आईटीएलएफ के प्रवक्ता ने इस वीडियो की निंदा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की तरफ से अपराध का संज्ञान लिए जाने और दोषियों को सामने लाने की अपील की है.
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