NEET-UG 2024 Education Minister Dharmendra Pradhan expressed gratitude for Supreme Court decision and targeted Rahul Gandhi | NEET UG 2024: धर्मेंद्र प्रधान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, राहुल गांधी पर निशाना साध बोले
SC Verdict On NEET-UG 2024: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसे सत्य की जीत बताया. धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि हमने शुरुआत से ही कहा है कि छात्रों का हित सबसे ऊपर है और किसी को हानि न होने पाए. उन्होंने कहा, नीट मामले पर आज (22 जुलाई) विपक्ष की भूमिका स्पष्ट हो गई है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘लोकसभा में विपक्ष के नेता ने जो रवैया अपनाया था, उससे उनकी मानसिक स्थिति का पता चलता है. इसकी आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने भारत की आलोचना की है.’
सुप्रीम कोर्ट का जताया आभार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा हुआ पोस्ट भी किया. उन्होंने लिखा, ‘NEET-UG पर आज का फैसला अटकलों पर विराम लगाएगा और लाखों मेहनती और ईमानदार छात्रों को राहत देगा. छात्रों के हित को बरकरार रखने वाले ऐतिहासिक फैसले के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का आभारी हूं.’
माफी मांगे विपक्ष
उन्होंने कहा, ‘देश के छात्रों को गुमराह करना, भ्रम पैदा करना और उन्हें सामाजिक तनाव के लिए उकसाना, ये सब उनकी राजनीति का सुनियोजित हिस्सा था. देश में चुनावी नतीजों को नकारकर अराजकता और नागरिक अशांति उनकी रणनीति का हिस्सा बन गई है. मैं उनसे और विपक्ष के सभी लोगों से अपील करता हूं कि जो इस तरह के गैरजिम्मेदाराना कामों में शामिल थे – उन्हें देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए.’
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 के असफल अभ्यर्थियों को बड़ा झटका देते हुए मंगलवार को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें विवादों से घिरी इस परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग की गई थी. इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि इसकी विश्वसनीयता के व्यवस्थित तरीके से प्रभावित होने और अन्य गड़बड़ियों को दर्शाने वाली कोई सामग्री रिकॉर्ड में नहीं है. इस अंतरिम फैसले से केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को बड़ी राहत मिली है, जो पांच मई को संपन्न परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक सहित बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी को लेकर सड़कों से लेकर संसद तक कड़ी आलोचना एवं विरोध का सामना कर रही हैं.
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