Manipur Violence Kuki-Zo and Meitei Rally and Protest bjp leaders Michael Lamjathang house set ablaze
Manipur Violence Latest News: मणिपुर में शनिवार को एक बार फिर तनाव का माहौल देखने को मिला, जब कुकी-जो समुदाय के सदस्यों ने आदिवासी बहुल इलाकों में तीन रैलियां निकालीं. इन रैलियों में उन्होंने अलग प्रशासन की मांग की और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के कथित वायरल ऑडियो क्लिप के खिलाफ विरोध जताया, जिसमें कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां सुनाई दे रहीं हैं.
इस बीच, पुलिस ने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने चूड़ाचांदपुर में तुइबोंग उप-मंडल के पेनियल गांव में भाजपा प्रवक्ता माइकल लामजाथांग के पैतृक आवास में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे आग लगा दी. पुलिस ने बताया कि हमले के दौरान घर के परिसर में खड़ी एक कार को भी आग के हवाले कर दिया गया. इस हमले को लेकर सीम एन. बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा, “हमारे लोगों (इस मामले में थाडू) को बार-बार शांति रैलियों की आड़ में अक्सर निशाना बनाना, एक बेहद परेशान करने वाली प्रवृत्ति है. इस तरह की उकसावे वाली हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. संभावित खतरों की पूर्व चेतावनी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.”
कहां-कहां निकाली गई रैली
कुकी-जो की तरफ से ये रैलियां आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों के क्रमशः लीशांग, कीथेलमनबी और मोरेह में आयोजित की गईं. चुराचांदपुर में विरोध रैली लीशांग में एंग्लो कुकी युद्ध द्वार से शुरू हुई और करीब 6 किमी का सफर पूरा करने के बाद तुइबोंग में शांति मैदान पर समाप्त हुई. कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और ज़ोमी छात्र संघ (जेडएसएफ) की ओर से बुलाई गई इस रैली के मद्देनजर जिले के सभी बाजार और स्कूल बंद रहे. कांगपोकपी में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कीथेलमैनबी मिलिट्री कॉलोनी से शुरू हुई रैली में हिस्सा लिया और 8 किमी की दूरी तय करने के बाद थॉमस ग्राउंड पर रैली समाप्त हुई. भारत-म्यांमार सीमावर्ती शहर मोरेह में भी अलग प्रशासन की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला गया.
मीतेई लीमा ने विरोध में किया बंद का आह्वान
वहीं, कुकी-जो समुदाय की ओर से तीन विरोध रैलियों के जवाब में समुदाय आधारित नागरिक समाज संगठन मीतेई लीमा की ओर से मीतेई-प्रभुत्व वाली घाटी के जिलों में “काम बंद करो” हड़ताल का आह्वान किया गया. “काम बंद करो” हड़ताल ने क्षेत्र में व्यवसायों, स्कूलों और निजी संस्थानों को प्रभावित किया. एक अधिकारी ने कहा कि हड़ताल में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है.
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