News

Maha Shivratri 2025 Amit Shah Reached Isha Foundation Worship With Sadhguru Jaggi Vasudev | महाशिवरात्रि पर ईशा फाउंडेशन पहुंचे अमित शाह, सद्गुरु के साथ की पूजा और बोले


Amit Shah At Isha Foundation: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोयंबटूर के ईशा सेंटर में महाशिवरात्रि समारोह में हिस्सा लिया. इस मौके पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी मौजूद थे. इस दौरान अमित शाह ने ‘ध्यानलिंग’ को प्रसाद चढ़ाया. मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सद्गुरु को आभार व्यक्त किया.

उन्होंने आगे कहा, ’मैं आदियोगी के चरणों में नमन करता हूं. सद्गुरु जी के निमंत्रण पर यहां आकर मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं. आज सोमनाथ से केदारनाथ तक, पशुपतिनाथ से रामेश्वरम तक और काशी से कोयंबटूर तक पूरा देश शिवमय है. आज प्रयागराज में महाकुंभ का समापन हो रहा है और यहां मैं भक्ति के महाकुंभ का साक्षी बन रहा हूं.‘

‘आज ही खुलता है मोक्ष का मार्ग’

अमित शाह ने कहा, ‘जब समग्र ब्रह्मांड शिवमय हो जाता है तभी शिवरात्रि की अनुभूति कर सकते हैं. आज शिव औऱ पार्वती के मिलन का दिन है, मोक्ष का मार्ग भी आज ही खुलता है. शिव एक कल्याणकारी चेतना है जो संहारक भी है और पालनकर्ता भी है. शिव अस्तित्व का मूल आधार हैं.’

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने ईशा फाउंडेशन को योग, साधना, भक्ति, पश्चाताप और मुक्ति का स्थान बताया. उन्होंने कहा, ’ईशा योग केंद्र ने योग के माध्यम से बहुत से लोगों के जीवन में सकारात्मकता लाई है. आदियोगी की यह प्रतिमा हमें हमारी आध्यात्मिक यात्रा के 112 मार्गों का अनुभव कराती है और उनकी पहचान कराती है.’

‘मुक्ति का केंद्र बनकर उभरी है ये जगह’

उन्होंने आगे कहा, ‘ये स्थान सिर्फ एक तीर्थस्थल नहीं है, ये मुक्ति का केंद्र बनकर पूरे विश्व में उभरा है. सद्गुरू राष्ट्र की संपत्ति के रूप में उभर कर आए हैं. योग प्राचीन होकर भी प्रासंगिक है. योग मन शरीर और आत्मा को एकाकार करता है, परमात्मा को जोड़ता है. योग भक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है. भारत के संस्कृति की व्याख्या तमिल संस्कृति की चर्चा के बिना अधूरी है.’

ये भी पढ़ें: ‘तुच्छ याचिकाओं पर समय बर्बाद करने के लिए मजबूर होना पड़ा’, सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर क्या बोले जग्गी वासुदेव?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *