Kathua Anti Terror Operation by Security forces Continues Hiranagar In Jammu Kashmir ANN
Jammu Kashmir News: जम्मू के कठुआ के हीरानगर में पिछले 10 दिनों से छिपे आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है. इस इलाके के घने जंगलों, यहां आतंकियों के ओवर ग्राउंड नेटवर्क और आतंकियों के गुरिल्ला वॉर फेयर ट्रेंड होने के कारण ऑपरेशन के खात्मे में समय लग रहा है.
24 मार्च को शाम करीब 4 बजे कठुआ के हीरानगर के सान्याल गांव में एक दंपत्ति का सामना पांच आतंकियों से होता है. ये दंपत्ति लकड़ियां काटने के लिए खेतों से थोड़ी दूर चले गए थे, इसी दौरान उनका सामना आतंकियों से हुआ. ये खबर जब पुलिस को पता चलती है तो इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया.
किस जगह से भारतीय सीमा में दाखिल हुए आतंकी?
सुरक्षा बलों का दावा है कि ये सभी पांच आतंकी पाकिस्तान के शक्करगढ़ इलाके के गांव अमरूचक, समकाल या सुक्खुचक से घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे, जिसके बाद इन्हें ढेर करने के लिए ऑपरेशन चलाया गया है. जम्मू कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात के मुताबिक इन पांचों आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बल के जवानों ने इनका पीछा किया.
माता बाला सुंदरी के पहाड़ों में आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेरा
इस ऑपरेशन के तीसरे दिन सुरक्षा बल इन आतंकियों को सान्याल गांव से करीब 40 किलोमीटर दूर सुफैन इलाके के माता बाला सुंदरी के पहाड़ों में घेर लेते हैं और वहां एनकाउंटर शुरू हो जाता है. इस एनकाउंटर में सुरक्षा बल के जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया जबकि मुठभेड़ के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस के चार जवान भी शहीद हो गए.
घने जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए ऑपरेशन थोड़ा मुश्किल!
सुरक्षा बलों की मानें तो सान्याल गांव से सुफैन इलाके और फिर 31 मार्च को कठुआ बिल्लावर के पंजतीर्थी इलाके तक का सफर आतंकियों ने यहां बहने वाले दो नालों उज्ज और तरनाह से होते हुए पूरा किया. माना जा रहा है कि ये आतंकी बिलावर के ऊंचे धनों पैरोल के जंगलों तक पहुंचना चाह रहे हैं. सुरक्षा बलों का दावा है कि धनों पैरोल जंगल में पहुंचने के बाद ये आतंकी बड़ी आसानी से डोडा पहुंच सकते हैं और इन जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए ऑपरेशन करना मुश्किल होता है.
बिलावर के विधायक सतीश शर्मा ने क्या कहा?
जम्मू के बिलावर के विधायक सतीश शर्मा के मुताबिक इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों के लिए न केवल इन जंगलों की बनावट एक चुनौती है बल्कि यहां मौजूद आतंकियों का ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क एक बड़ी चुनौती है, जिसे जल्द खत्म करने की सख्त जरूरत है.
वहीं सुरक्षा बलों का दावा है कि कठुआ में घिरे ये सभी आतंकी गुरिल्ला वार फेयर में भी प्रशिक्षित हैं. जिन जंगलों में ये आतंकी छुपे हुए हैं, वहां कई जगहों पर लोग भी रहते हैं जिनके लिए इन आतंकियों का ज्यादा देर तक जिंदा रहना खतरनाक है.