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Firozabad News: वक्फ संशोधन विधेयक बिल लोकसभा में पास होने के बाद कल पहला जुमा है, जुमे की नमाज को लेकर फिरोजाबाद में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है. पुलिस प्रशासन ने भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पैदल मार्च किया. फिरोजाबाद के मिश्रित आबादी क्षेत्र और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में फिरोजाबाद पुलिस ने फ्लैग मार्च करते हुए लोगों से शांति की अपील की है. शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने तल्ख टिप्पणी करते हुए अपनी राय जाहिर की है.

शहर काजी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित होकर राज्यसभा में भेजा गया है, लेकिन ये बात तो बिल्कुल साफ है कि निजी संपत्तियों को वक्फ क्यों किया जाता है, इसका इस्तेमाल कहां होता है, फिर भी वक्फ कानून में किसी भी तरह की तरमीम (संशोधन) समझ से परे है. अगर वक्फ संपत्तियों पर एक नजर डाली जाए तो 99 फीसद देखने को मिलेगा कि वो संपत्तियां जो कौम ओ मिल्लत की भलाई और तरक़्की के लिए वक्फ की गई थीं. उस पर भू माफियाओं, गुंडों ओर हिस्ट्रीशीटरों का कब्ज़ा है.

‘वक्फ जायदादो पर सफेद पोशों का भी है कब्जा’
उन्होंने कहा कि, वक्फ जायदादो पर उन सफेद पेशों का भी कब्ज़ा है, जो कौम ओ मिल्लत के तथाकथित ठेकेदार बने बैठे हैं. ऐसे ही लोग वक्फ बोर्ड की सांठ गांठ से खुद में उन जायदादो के मुतावल्ली, खजांची और सदर बने हुए हैं और इन तथाकथित ठेकेदारों से कौम ओ मिल्लत का किसी भी तरह का भला नहीं होता और न होगा. आवाम ठंडे दिमाग से सोचे कि ऐसी कितनी जायदादें हैं जिनसे क़ौम ओ मिल्लत का भला हो रहा है, कितनी बेवाओं ओर कितने यतीम बेसहारों को आसरा दिया जा रहा है, कितने तालीमी इदारे (शैक्षिक संस्थान) खोले गए, कितने शिफा खाने (क्लिनिक) खोले गए…….. रिजल्ट ज़ीरो ही आयेगा. 

उन्होंने कहा है कि सच बात तो यही है कि वक्फ जायदादो से भू माफियाओं, गुंडों ओर हिस्ट्रीशीटरों का ही भला हो रहा है. उन लोगों व उनके परिवार का भी भला हो रहा है जो लोग वक्फ बोर्ड की सांठ गांठ से खुद में उन जायदादो के मुतावल्ली, खजांची और सदर बने हुए हैं. उन वक्फ जायदादो को अपने ही रिश्तेदारों को किराएदारी पर नाम मात्र राशि पर दे दिया जाता है. साथ ही वक्फ जायदादो पर लोन का पैसा लेकर मौज की जाती है. स्पष्ट किया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सभी लोग एक जैसे है, कुछ वक्फ जायदादो के मुतावल्ली, खजांची, सदर और इंतजामीया अच्छे ओर ईमानदार भी हैं, परंतु ऐसे लोग नाम मात्र ही हैं. 

‘वक्फ जायदाद पर कब्जा करने वालों पर…’
उन्होंने कहा कि यह हो-हल्ला किस बात का, आवाम को तो पहले भी वक्फ जायदादो से कोई फ़ायदा नहीं मिल रहा था. अब अगर सरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के जरिए वक्फ जायदाद पर अपना नियंत्रण बनाने का प्रयास करती है तो भी आवाम को कोई नुकसान नहीं, क्योंकि क़ौम वही दो – राहे पर खड़ी है, जहां हमारे तथा कथित रहनुमाओं और ठेकेदारों ने हमारी आवाम को खड़ा किया है. यदि सरकार वक्फ कानूनों पर संशोधन करने के बजाय पहले ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बनाती जो वक्फ जायदादो पर कब्ज़ा किए हुए हैं तो और भी ज्यादा अच्छा होता.

(फिरोजाबाद से रंजीत गुप्ता की रिपोर्ट)

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