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Dussehra 2024 Muslim family has been making effigy of Ravana in Aligarh for four generations ann


Dussehra 2024: दशहरे के पर्व को लेकर बताया जाता है असत्य पर सत्य का प्रतीक लंका दहन को बताया जाता है. यही कारण है लंकेश्वर के नाम से प्रसिद्ध रावण को दसवीं के दिन मृत्यु दंड दिया गया था. जिसके चलते पुरानी प्रथा को लोग जीवित करते हुए नवरात्रि के बाद दशहरे का पर्व मनाते हैं. दशहरे का पर्व देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. अलीगढ़ में भी इसका खास असर देखने को मिल रहा है. दसवीं के दिन रावण के पुतले को दहन करने की तैयारी एक महीने पहले से चल रही है. 10 सितंबर को रावण में पुतले को बनाने की तैयार यहां शुरू की गई थी जो की 10 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी. कारीगरों के द्वारा रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

रावण के पुतले को बनाने करने वाले मुख्य कारीगर मोहम्मद अशफाक प्रत्येक साल अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में प्रत्येक वर्ष यहां रावण के पुतले को बनाने के लिए आते हैं. 40 साल से वह रावण के पुतले को बनाते चले आ रहे हैं. प्रत्येक वर्ष उनके द्वारा रावण के पुतले में अपनी छाप छोड़ी जाती है, इसके लोग दीवाने हो जाते हैं. अबकी बार भी मोहम्मद अशफाक के द्वारा 65 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है, तो वही मेघनाथ और कुंभकरण के भी 60 फीट के पुतले बनाए गए हैं. कड़ी मेहनत और मशक्कत के चलते दिन-रात रावण के पुतले बनाने की तैयारी चल रही है. 12 कारीगर रावण के पुतले को बनाने में जुटे हुए हैं.

मोहम्मद अशफाक के द्वारा अबकी बार रावण के पुतले में जान डालने का काम किया जाएगा जिसमें अबकी बार रावण की सिर के ऊपर लगी छतरी घूमेगी तो रावण के मुंह से चिल्लाहट की आवाज निकलेगी. साथ ही रावण की आंख से आंसू भी निकलेगे. रावण के पुतले को लेकर बताया गया है कि प्रत्येक वर्ष पुतले में कुछ अलग करने की कोशिश की जाती है. अबकी बार भी यह तीनों काम उनके किए जा रहे हैं. लोग रावण के पुतले को दहन के दौरान ज्यादा से ज्यादा देखें और उसकी ओर आकर्षित हो इसकी तैयारी की जा रही है.

पिता की सल्तनत को आगे बढ़ा रहे अशफाक
अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में 40 वर्ष से रावण के पुतले को बनाने वाले मोहम्मद अशफाक पुत्र गफूर अली गांव दानपुर जिला बुलंदशहर के रहने वाले हैं. जिन पर एक बेटा शकील है जो कि पिता की सल्तनत को आगे बढ़ाने के लिए रावण के पुतले को बनाने का काम करता है. 11 महीने अशफाक का परिवार मेहनत मजदूरी करके अपना परिवार का पालन पोषण करता है लेकिन दसवीं से पहले एक महीने से रावण बनाने की तैयारी में अपने परिवार को लेकर मोहम्मद अशफाक अलीगढ़ के नमाज ग्राउंड में आकर रावण के पुतले को बनाते चले आ रहे हैं.

ये वो चौथी पीढ़ी है जिसके मुखिया मोहम्मद अशफाक है. बताया गया यह चौथी पीढ़ी है जो रावण को बनाने का काम कर रही है मोहम्मद अशफाक के द्वारा बताया गया अबकी बार रावण के पुतले में उनके द्वारा 600 पटाखे लगाये गई है जिसमें रावण के सिर में 50 पटाखे लगाने का उनके द्वारा काम किया गया है अलग-अलग जगह पर उनके द्वारा दर्जनों पटाखे लगाए जाएंगे. मोहम्मद अशफाक बताते है रावण को जलाने का मुख्य मकसद लोगों को अपने अंदर की बुराई को खत्म करने का संदेश देता है.

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