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Delhi Water Issue: दिल्ली में गर्मी ने दस्तक दे चुकी है. ऐसे में दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma) ने कल (2 अप्रैल) विधानसभा में एक बार फिर से पानी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि राजधानी में पानी की बर्बादी रोकने और जल संकट के स्थायी समाधान के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा.
प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में घोषणा की कि पानी के टैंकरों में सेंसर लगाए जाएंगे, जिससे जल आपूर्ति की सटीक निगरानी होगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा. इसके अलावा, जल वितरण प्रणाली की निगरानी के लिए एक कमांड सेंटर भी तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री लॉन्च करेंगे.
टैंकर मुक्त दिल्ली बनाने की योजना- प्रवेश वर्मा
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को टैंकर-मुक्त बनाना है. फिलहाल, राजधानी में 901 पानी के टैंकर काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या बढ़ाकर 1,300 की जाएगी. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि टैंकर केवल अस्थायी समाधान हैं और सरकार स्थायी जल प्रबंधन पर जोर दे रही है. उन्होंने बताया कि इस कमी को दूर करने के लिए अगले तीन महीनों में 249 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे. 96 ट्यूबवेल अगले महीने, 88 जून में और 55 जुलाई में चालू होंगे.
लीकेज रोकने और पुरानी पाइपलाइनों को बदलने पर जोर
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में कई जल पाइपलाइन 80 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है, जिनमें लीकेज की गंभीर समस्या बनी हुई है. उन्होंने बताया कि संगम विहार में 4 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन आज तक उपयोग में नहीं आई, क्योंकि उसमें कई जगह लीकेज पाए गए. अब अधिकारियों ने मरम्मत के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही पाइपलाइन बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी.
सीवर सफाई के लिए हाई-टेक मशीनें- प्रवेश वर्मा
प्रवेश वर्मा ने कहा कि राजधानी में जल संकट केवल पीने के पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि सीवर सफाई भी एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने बताया कि सीवर सफाई को बेहतर बनाने के लिए 32 नई सुपर सकर मशीनें जल्द ही जोड़ी जाएंगी. इसके अलावा, 30 और मशीनों के लिए टेंडर पास किया गया है, जिससे हर विधानसभा क्षेत्र में सफाई कार्य तेज किया जा सके. उन्होंने कहा कि अगले चार महीनों के भीतर सभी सीवरों और नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.
नए इंजीनियरों और मजदूरों की भर्ती
मंत्री ने बताया कि जल आपूर्ति और मरम्मत कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए अगले कुछ महीनों में 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी. इसके अलावा, हर विधानसभा क्षेत्र में मजदूरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 की जाएगी, ताकि पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके.
उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि दिल्ली को जल संकट से जल्द राहत मिले और बेहतर जल प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं. उन्होंने जनता से अपील की कि वे जल संरक्षण में सहयोग दें और पानी की बर्बादी रोकने में सरकार के प्रयासों का समर्थन करें.