Chhattisgarh Bastar Women Commandos Posted In Naxal Front Celebrate World Tribal Day Ann
orld Tribal Day: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर पूरे देश में आदिवासी समाज ने इस दिन को काफी हर्षोल्लास से मनाया गया. जगह जगह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया. वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर में भी नक्सल मोर्चे पर तैनात महिला कमांडो ने भी इस दिन को अपने खास अंदाज में मनाया, बकायदा महिला कमांडो ने बस्तर के आदिवासियों के पारंपरिक लोकगीत पर बस्तरिया डांस किया. महिला कमांडो के द्वारा आदिवासी नृत्य करते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है.
दरअसल पिछले कई सालों से बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में महिला कमांडो की तैनाती की गई है. बाकायदा यह महिला कमांडो एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से लोहा भी ले रही हैं. वहीं इनमें से ऐसे कई महिला कमांडोज आदिवासी समुदाय से है, जो अपनी ड्यूटी में तैनात रहकर विश्व आदिवासी दिवस को खास तरह से मनाने के लिए बकायदा अपने साथियों के साथ लोकगीत पर बस्तरिया डांस करते हुए नजर आए. जानकारी के मुताबिक इन महिला कमांडो में सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल की महिलाओं के साथ ही सरेंडर महिला नक्सली जो अब पुलिस में भर्ती हो चुकी है वे भी इस सामूहिक नृत्य में शामिल हुए.
मुख्यमंत्री ने भी की तारीफ
बताया जा रहा है कि यह वीडियो दंतेवाड़ा जिले का है, जहां नक्सल ऑपरेशन के दौरान जवानों के साथ महिलाएं भी घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बकायदा एंटी नक्सल ऑपरेशन में जा रही हैं. नक्सलियों से लोहा ले रही हैं, 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर एक तरफ जहां पूरे देश में आदिवासी समाज ने जश्न मनाया.
वहीं महिला कमांडो ने भी अपने अस्थाई कैंप में बकायदा बस्तर के प्रसिद्ध हल्बी लोकगीत पर सामूहिक नृत्य करती हुई दिखाई दिए. इस दौरान कुछ महिला कमांडो ने यह वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और उसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल होने लगी है. वहीं इस वीडियो पर मुख्यमंत्री ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यही तो बदलता छत्तीसगढ़ है.
महिला कमांडो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं
बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर में तैनात महिला कमांडो एंटी नक्सल ऑपरेशन के साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्र के महिलाओं का भरोसा जीतने में काफी सफल साबित हो रही हैं. सीआरपीएफ के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी स्थानीय महिलाओं को पुलिस में भर्ती किया है, साथ ही जिन महिला नक्सलियों ने सरेंडर कर पुनर्वास नीति का लाभ लिया है. उन्हें भी पुलिस में नौकरी दी गई है, और अब वह भी नक्सलियों के खिलाफ हथियार उठाकर उनसे लोहा ले रही हैं.
बस्तर में नक्सलियों को लगातार बैकफुट पर लाने में जवानों के साथ-साथ महिला कमांडो भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. यही वजह है कि नक्सल एरिया के जंगलों में भी महिला कमांडो बैखोफ नृत्य कर रहे हैं. विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर महिला कमांडो भी जिनमे कई महिलाएं आदिवासी समाज से हैं, वे भी आदिवासी दिवस पर सामूहिक रूप से नृत्य करते दिखाए दिए.