Big Action Of Indore Police, FIR Registered In 8 Police Stations In Case Of Child Pornography

प्रतीकात्मक फोटो
इंदौर:
मध्य प्रदेश के इंदौर में सोशल मीडिया के माध्यम से चाइल्ड पोर्न वीडियो अपलोड और इन वीडियो को अन्य लोगों तक शेयर करने के मामले में इंदौर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में एक साथ इंदौर के 8 पुलिस थानों में FIR दर्ज की है. यह मामले नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की पड़ताल में सामने आए हैं. जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है.
यह भी पढ़ें
कटनी : आयुध निर्माणी परिसर से 10 करोड़ से ज्यादा का मेटल स्क्रैप गायब, तीन के खिलाफ मामला दर्ज
मामले में इंदौर के डीसीपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि नेशनल क्राइम ब्यूरो से मिली एक रिपोर्ट की इंदौर पुलिस द्वारा पिछले दिनों जांच की गई, जिसमें यह पाया गया की एक रिपोर्ट इंदौर पुलिस को दी थी और उस रिपोर्ट में यह पाया गया कि एक नंबर के माध्यम से इंदौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चाइल्ड पोर्न वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से वायरल किया जा रहा है. जिसके आधार पर उन लोगों को चिन्हित किया गया, जिनके द्वारा यह काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम ब्यूरो के आधार पर नंबर मिले थे उसके पहले तफ्तीश की गई और वह किन थाना क्षेत्रों में उस समय संचालित हो रहे थे उसके बारे में जानकारी निकाली गई. इसके बाद इस पूरे ही मामले में डीसीपी ने मल्हारगंज और एरोड्रम थाने पर गांधीनगर का एक केस और सदर बाजार का एक केस, कुल दो केस आजाद नगर थाने पर दर्ज किए और इस तरह से पुलिस ने एक ही दिन में चाइल्ड पोर्न वीडियो वायरल करने वाले 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
वहीं पूरे मामले में पुलिस के द्वारा लगातार उन नंबरों के माध्यम से किन लोगों को पोर्न वीडियो भेजे गए थे इसके बारे में भी तफ्तीश की जा रही है. उस दौरान कौन-कौन लोग उस नंबर से जुड़े हुए थे इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.
सतना : सरकारी जमीन बेचने के मामले में दो पूर्व पटवारियों को सात-सात साल की सजा
नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन की रिपोर्ट पर होती है कार्रवाई
नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन की रिपोर्ट पर यह FIR दर्ज की गई है. NCMEC अपने तरीके से अलग-अलग सॉफ्टवेयर के माध्यम से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गंदगी की पड़ताल करती है या उन तक कोई शिकायत पहुंचाएं तो उस पर एनसीबी नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को रिपोर्ट सौंपती है. जिसके बाद एनसीबी द्वारा देशभर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में अपराध दर्ज कराए जाते हैं.