Ayodhya People Themselves Demolished 45 Religious Places For Ram Path Now Masjid Khajoor Wali Case In Allahabad High Court ANN
Ayodhya News: अयोध्या धाम से फैजाबाद तक लगभग 13 किलोमीटर लंबे राम पथ (Ram Path) का निर्माण किया जा रहा है. भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ की अपेक्षा राम पथ सबसे लंबा है. राम पथ के चौड़ीकरण की जद में काफी मंदिर और मस्जिद आने पर लोगों ने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने करीब 30 से अधिक मंदिर और 15 मस्जिद-मजार को तोड़ दिया. प्रशासन को मंदिर या मस्जिद तोड़ने के लिए आगे नहीं आना पड़ा. लोगों ने चौड़ीकरण की राह में बाधा बन रहे धार्मिक स्थलों के हिस्सों को खुद से तोड़ दिया. हालांकि खजूर वाली मस्जिद पर आपसी सामंजस्य नहीं बन पाया.
खजूर वाली मस्जिद पर फंसा पेंच
खजूर वाली शिया मस्जिद व्यस्त शहर के बीच होने की वजह से पेंच फंसा हुआ है. मस्जिद को आगे-पीछे खिसकाने के लिए जमीन भी नहीं बची है. मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है. प्रशासन को उम्मीद है कि आपसी सामंजस्य की गुंजाइश बाकी है. मस्जिद कमेटी से जुड़े एडवोकेट इसरार अहमद का कहना है कि राम पथ पर गुदड़ी बाजार की एक मस्जिद करीब ढाई सौ साल पुरानी है. खजूर वाली मस्जिद की तामीर मेहंदी हसन साहब ने कराया था. उन्होंने बताया कि मस्जिद का ढाई मीटर राम पथ की जद में आ रहा है. सरकार तोड़कर राम पथ बनाना चाहती है.
हमारी अपील है कि अपोजिट साइड की जगह लेने से मस्जिद महफूज हो सकती है. बहुत सारे लोग मस्जिद में नमाज अदा करते हैं. मस्जिद हमारे इमोशन से जुड़ी हुई है. बहुत प्रार्थना के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर 1 मार्च को हाईकोर्ट में अपील फाइल की है. शिया वक्फ बोर्ड और जिलाधिकारी अयोध्या के साथ पीडब्ल्यूडी को पार्टी बनाया गया है. पीडब्ल्यूडी और जिलाधिकारी का पक्ष आ गया है. शिया वक्फ बोर्ड ने अभी तक जवाब नहीं दाखिल किया है.
लोगों ने खुद से तोड़े धार्मिक स्थल
शिव मंदिर के मुख्य पुजारी बाबा त्रिलोकी दास कहते हैं कि प्रशासन जल्दी मूर्ति हटाने के लिए रोज कहता है. नहीं हटाने पर तोड़ने की धमकी दी जाती है. इसलिए हमने खुद से तोड़ना शुरू कर दिया है. एडवोकेट इसरार अहमद बताते हैं कि अभी तक 14-15 मस्जिद और कब्रिस्तान तोड़े गए हैं. लगभग 40 से 45 मंदिर भी हटाए गए हैं. ज्यादा हिस्सा जाने पर हमारी तरफ से आपत्ति नहीं जताई गई. लेकिन धार्मिक स्थलों के एक से 2 फुट हिस्से पर सरकार को लचीलापन होना चाहिए. हम लोगों की आस्था का सवाल है.
राम पथ की राह में बन रहे थे बाधा
वैकल्पिक व्यवस्था बनने पर सरकार से फरियाद है कि इबादतगाहों को सुरक्षित कर दे. जिलाधिकारी नितीश कुमार का कहना है कि लोगों की सहमति से किया जा रहा है. समझाने और संवाद कायम करने के बाद लोगों ने घर और धार्मिक स्थल खुद तोड़े हैं. हालांकि एकमात्र मस्जिद के मामले पर डीएम कहते हैं कि बेहतर विकल्प की तलाश में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है. हालांकि उन्हें अभी तक इस बारे में कोई आदेश नहीं मिला है और संवाद कायम करने की स्थिति भी चल रही है.
सबसे महत्वपूर्ण है कि लगभग 30 मंदिर, 12 मस्जिद और दो मजार के लिए संवाद कायम किया गया था. उन्होंने कहा कि राम पथ के लिए लोग उत्सुक हैं. अयोध्या का माहौल बहुत सकारात्मक है. सभी धर्म गुरुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है. धार्मिक स्थलों को तोड़ने में सभी लोगों का सहयोग प्राप्त हुआ है. प्रशासन की तरफ से अयोध्यावासियों का धन्यवाद अदा किया जाता है.