Atul Subhash case karnataka hc directs trial court Nikita Singhania bail plea on 4 january new year
Atul Subhash case: बेंगलुरु में एआई इंजीनियर अतुल सुभाष सुसाइड मामले में आरोपी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके परिवार ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी कोर्ट में जमानत अर्जी दी है. इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार (31 दिसंबर 2024) को निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह निकिता सिंघानिया की जमानत याचिका पर 4 जनवरी 2025 को निर्णय ले.
हाई कोर्ट ने अतुल के पिता को दिया निर्देश
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट ने अतुल के पिता विकास कुमार मोदी को निर्देश दिया कि वे सुप्रीम कोर्ट का सूचित करें, जहां अतुल की मां ने अपने नाबालिग पोते की कस्टडी की मांग करते हुए याचिका दायक की है. निकिता सिंघानिया इस समय अतुल सुभाष को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बेंगलुरु में न्यायिक हिरासत में हैं.
4 जनवरी तक जमानत याचिका टली
निकिता की याचिका पर कार्नाटक हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया है. निकिता ने अपनी याचिका में खुद की गिरफ्तारी और आत्महत्या के लिए उकसाने के केस पर सवाल उठाया है. निकिता के वकील भरत कुमार वी का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तारी अवैध है, इसलिए उन्हें अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए. उन्होंने तर्क दिया है कि निकिता मामले अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखना है, क्योंकि अतुल की मां ने बच्चे की कस्टडी के लिए वहां याचिका दायर की है. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निकिता और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई 4 जनवरी तक टाल दी है.
अतुल के वकील आकाश जिंदल ने निचली अदालत से अपील है कि निकिता को उसके बेटे के नाम पर जमानत नहीं मिलनी चाहिए. वो जमानत हासिल करने के लिए बच्चे का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर सकती है. उसे इसकी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, “अतुल ने सुसाइड करने से पहले वीडियो जारी कर कहा था कि निकिता न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चे को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है और अब वहीं हो रहा है.”
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