Atiq Ahmed And Ashraf Ahmed Had Grabbed Waqf Property In Prayagraj Fir Lodged Against Family Ann
Prayagraj News: यूपी के पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmed) को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. माफिया अतीक और उसके करीबी न सिर्फ आम लोगों को डरा धमकाकर उनकी ज़मीनों पर काबिज हो जाते थे, बल्कि मुस्लिम समुदाय की बेहतरी के लिए तैयार की गई वक़्फ़ सम्पत्तियों (Waqf Property) को हड़पने में भी कतई कोई गुरेज नहीं करते थे. अतीक और उसके करीबियों ने शहर के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के सल्लाहपुर इलाके में भी अपने रसूख के दम पर पचास करोड़ रूपये कीमत की एक वक्फ संपत्ति पर कब्ज़ा कर लिया था. इस ज़मीन पर अवैध निर्माण कराने के बाद फर्जी दस्तावेजों के ज़रिये इसे टुकड़ों में कई लोगों को बेच भी दिया गया.
वक़्फ़ संपत्ति के केयर टेकर ने अब इस मामले में माफिया अतीक के साथ ही उसके भाई अशरफ की पत्नी ज़ैनब फातिमा, दो सालों और वक़्फ़ प्रापर्टी के मुतवल्ली और उसकी पत्नी समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है. प्रयागराज पुलिस ने अतीक के परिवार वालों और अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है. इस मामले में शिकायतकर्ता ने पुलिस को वक़्फ़ प्रॉपर्टी के तमाम दस्तावेज भी सौंपे हैं. पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कर वक़्फ़ प्रॉपर्टी को इस पर काबिज लोगों से रिलीज कराने की तैयारी में है.
nअमेरिका में बसने से पहले इस शख्स ने वक्फ को दी थी संपत्ति
प्रयागराज के ही रहने वाले नवाब परिवार से ताल्लुक रखने वाले सैयद मोहम्मद एजाज ने परिवार समेत अमेरिका शिफ्ट होने से पहले जिले के सल्लाहपुर अकबरपुर इलाके की कई बीघा ज़मीन वक़्फ़ को दी थी. वक़्फ़ ऐसी संपत्ति होती है, जिसका मालिक अल्लाह को बना दिया जाता है. वक़्फ़ बोर्ड ऐसी सम्पत्तियों के लिए मुतवल्ली नियुक्त कर उनकी देखभाल करता है और ज़रूरत के मुताबिक़ उसे लोगों को इस्तेमाल के लिए लीज़ पर दिया जाता है. वक़्फ़ प्रॉपर्टी को बेचा नहीं जा सकता. यूपी सुन्नी सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड ने प्रयागराज के सल्लाहपुर इलाके की इस प्रॉपर्टी को दस्तावेजों में 67 नंबर पर दर्ज कराया और मोहम्मद असियम को इसका मुतवल्ली नियुक्त कर दिया. मुतवल्ली मोहम्मद असियम ने पूरामुफ्ती इलाके के रहने वाले माबूद अहमद को इसकी देख रेख करने के लिए केयर टेकर के तौर पर रखा था.
बीमार व्यक्ति से ऐसे कब्जाई जमीन
शिकायतकर्ता माबूद के मुताबिक़ कैंसर के इलाज के लिए वह पिछले साल कुछ महीनों के लिए शहर से बाहर चले गए तो माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ ने जेल में रहते हुए अपनी करीबियों से मुतवल्ली मोहम्मद असियम और उसकी पत्नी जन्नत से मिलीभगत कराकर उस पर कब्ज़ा करा लिया. अशरफ की पत्नी ज़ैनब फातिमा, सालों ज़ैद और सद्दाम के साथ ही सिबली और तारिक़ नाम के करीबियों ने इस वक़्फ़ प्रॉपर्टी पर अवैध निर्माण कराया और मुतवल्ली से मिलकर फर्जी डाक्यूमेंट्स तैयार कराने के बाद इसे टुकड़ों में अलग अलग लोगों को बेचने लगे. इस वक़्फ़ प्रॉपर्टी की बाजारू कीमत करीब पचास करोड़ रूपये है.
हिम्मत जुटाकार पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत
एफआईआर के मुताबिक़ दोनों भाइयों की हत्या के बाद अशरफ की पत्नी ज़ैनब फातिमा और साले ज़ैद और सद्दाम बची हुई प्रॉपर्टी को बेचने की तैयारी करने लगे. इन लोगों ने केयर टेकर माबूद अहमद को मुंह बंद रखने को कहा और आवाज़ उठाने पर सड़क हादसे में मौत की नींद सुलाने की धमकी दी. केयर टेकर माबूद ने इस मामले की शिकायत कई जगहों पर की थी. हाल के दिनों में प्रयागराज पुलिस ने जिस तरह माफिया अतीक के गैंग पर शिकंजा कसते हुए तमाम लोगों के खिलाफ कार्रवाई की और गिरोह का आतंक ख़त्म किया, तब केयर टेकर माबूद ने भी एफआईआर दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई.
पुलिस ने दिया गिरफ्तारी का भरोसा
केयर टेकर माबूद की शिकायत पर प्रयागराज पुलिस ने पुरामुफ्ती थाने में माफिया अतीक के भाई अशरफ की पत्नी ज़ैनब फातिमा, दो साले ज़ैद और सद्दाम, मुतवल्ली मोहम्मद असियम, उसकी पत्नी जन्नत, ग्राम प्रधान रहे सिबली और करीबी तारिक के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया है. इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 506 की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा और डीसीपी सिटी दीपक भूकर के मुताबिक़ जांच के आधार पर न सिर्फ सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
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