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Ajit Pawar Absent From Cabinet Meeting Eknath Shinde And Devendra Fadnavis Meeting


महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी हलचल शुरू हो गई है. सियासी हलचल की वजह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार हैं. उनकी नाराजगी की बात सामने आ रही है, लेकिन कोई भी खुलकर यह नहीं बोल रहा कि उनकी नाराजगी की वजह क्या है. हालांकि, जैसे ही यह बात सामने आई तो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने दिल्ली पहुंच गए. 

तबियत खराब होने का हवाला देकर अजित पवार कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन मुंबई में अपने सरकारी आवास पर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेताओं के साथ मंथन किया. अजित पवार की इस बैठक में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और संजय बलसोडे मौजूद रहे और एक घंटा नेताओं ने बैठक की. उनके इस रवैये के बाद सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो अजित पवार नाराज हो गए और कबैनिट मीटिंग से दूरी बना ली. 

सुप्रिया सुले ने कसा तंज
अजित पवार की नाराजगी की खबरों के बीच एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि अभी तीन महीने का हनीमून भी खत्म नहीं हुआ और समस्याएं शुरू हो गईं. सुप्रिया सुले ने कहा, ‘ट्रिपल इंजन की सरकार को अभी सिर्फ तीन महीने हुए हैं और मैंन सुना कि एक खेमा नाराज है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सुना कि जो खेमा नाराज है, उसने देवेंद्र फडणवीस से मिलकर उनकी नाराजगी से अवगत कराया. सिर्फ तीन महीने हुए हैं, हनीमून भी खत्म नहीं हुआ और समस्याएं शुरू हो गईं. तीन महीनों में ही ऐसी खबरें आ रही हैं, ये सरकार चला कौन रहा है?’

गणेश चतुर्थी कार्यक्रम में भी अमित शाह के साथ नहीं हुए शामिल
अजित पवार का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बदला-बदला नजर आ रहा है. सितंबर महीने में ही उनके बयान ने सियासी माहौल में हलचल मचा दी थी. 23 सितंबर को बारामती में समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें भी नहीं पता कि वह कब तक वित्त मंत्री रहेंगे. अजित पवार ने कहा, ‘आज मेरे पास वित्त मंत्रालय है इसलिए आपको योजनाओं को लाभ देना मेरा काम है. हालांकि, यह जिम्मेदारी मेरे पास कब तक रहेगी इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता.’ वहीं, जब अमित शाह गणेश चतुर्थी के लिए लालबागचा गणेश मंडप गए थे, तब भी वह उपस्थित नहीं थे. इसके बाद अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के साथ मुलाकात की थी, उसमें भी शामिल नहीं हुए थे.

बीजेपी विधायक ने बताया चालाक
कुछ दिन पहले बीजेपी विधायक गोपचंद पडलकर की अजित पवार पर टिप्पणी ने बवाल मचा दिया था. पडलकर ने महाराष्ट्र में धनगर समुदाय के मुद्दे पर सीएम शिंदे और डिप्टी सीएम फडणवीस को पत्र लिखा था. जब उनसे पूछ गया कि उन्होंने अजित पवार को पत्र क्यों नहीं लिखा तो पडलकर ने कहा कि अजित पवार चालाक भेड़िए का चालाक शावक हैं इसलिए उनसे संपर्क की आवश्यकता नहीं. इस पर एनसीपी नेताओं ने नाराजगी जताई थी.

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