हम मुसलमान समाज के लोगों को समझाएंगे… वक्फ बिल के पास होने पर NDTV से बोले चिराग पासवान

वक्फ बिल पर एनडीटीवी से चिराग पासवान ने की खास बातचीत
नई दिल्ली:
वक्फ बिल अब लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी पारित हो गया है. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ये कानून का रूप ले लेगा. हालांकि, वक्फ बिल के पास होने के बाद भी इसे लेकर हो रही सियासत कम होती नहीं दिख रही है. कई विपक्षी दल इस बिल का अभी भी विरोध कर रहे हैं. इन सब के बीच NDTV ने इस बिल को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने बताया कि इस बिल में कुछ चीज ऐसी थी जिसे लेकर हमारा कंसर्न था लेकिन उन कंसर्न को एड्रेस किया गया. हम लोगों ने इसे लेकर साफ तौर मांग की थी कि JPC में यह जाए और इस बिल पर खुलकर चर्चा हो.
चिराग पासवान ने कहा कि होता क्या है जब कोई बात सरसरी तौर पर आती है और बिना इस बात को समझें कि इस चीज को लाने का कारण क्या है. अब बिल में जैसे कि कलेक्टर की भूमिका पर बात की गई है. जब हमने भी पहली बार सुना तो हमे भी लगा कि कलेक्टर आखिर क्यों लेकिन जब सदन में इसे लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री ने किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखी तो लगा कि इस प्रक्रिया के बीच में कलेक्टर का होना सही में जरूरी है. क्योंकि वो जमीन किसकी है इसकी सही जानकारी तो कलेक्टर ही दे सकता है. ये सारे स्पष्टिकरण की जरूरत थी और सरकार ने सभी मुद्दों पर चीजों को काफी सरल और साफ तरीके से बातें रखी हैं.
उन्होंने कहा कि मैं रामविलास जी का बेटा हूं, मैं एक ऐसे व्यक्ति का बेटा हूं जिन्होंने सामाजिक न्याय के लिए धर्मनिर्पेक्षता के लिए बिहार में एक मुस्लिम मुख्यमंत्री बने इसके लिए उन्होंने अपनी पार्टी को समाप्त कर दिया. उन्हीं का खून मेरे अंदर है. मैं कभी किसी ऐसी चीज का समर्थन नहीं करूंगा जहां मुझे लगे कि समाज के एक वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है. हमारी पार्टी की ये सोच नहीं है. आने वाले दिनों में भी मुस्लिम समाज में जाकर हम ये बात मजबूती से रखेंगे कि आखिर इस बिल की क्या जरूरत थी. आज की तारीख में कुछ लोगों ने इस पूरे सिस्टम को हाईजैक करके रखा है. ऐसे में गरीब मुसलमान तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा है. सीए को लेकर भी पहले भ्रम फैलाया गया था. उसी तरह से धारा 370 के खिलाफ विपक्ष ने माहौल बनाया था. विपक्ष का काम है झूठ बोलना. अगले छह महीनों में बिहार में चुनाव है, उस समय पता चल जाएगा कि मुसलमानों ने किसका साथ देता है.