BJP Strategy to propose CM name always success Parvesh Verma Vijender Gupta Satish Upadhya Proposed Rekha Gupta for Delhi
Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली को एक बार फिर महिला मुख्यमंत्री मिली है. पहली बार विधायक चुनी गई रेखा गुप्ता को बीजेपी हाईकमान ने मुख्यमंत्री चुना है. वह दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री होंगी. बुधवार (19 फरवरी) रात 8 बजे दिल्ली के विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया.
दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार थे. दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्षों से लेकर वर्तमान अध्यक्ष और इस बार चुनाव में आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं को हराने वाले कुछ उम्मीदवार भी ताल ठोंक रहे थे. इन सब के बीच पहली बार विधायक बनने वाली रेखा गुप्ता का चयन पर बाकी उम्मीदवारों को राजी करना आसान काम नहीं था. ऐसे में बीजेपी ने एक बार फिर वही पुराना फार्मूला अपनाय गया जो मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में अपनाया गया था.
बीजेपी ने दिल्ली मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े तीन दावेदारों से ही रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखवाया. दरअसल, नई दिल्ली विधानसभा सीट से अरविंद केजरीवाल को हराने वाले परवेश वर्मा का नाम सीएम रेस में सबसे आगे था. इसी तरह विजेंद्र गुप्ता और सतीश उपाध्याय के नाम की चर्चा भी बहुत ज्यादा थी. ऐसे में बीजेपी हाईकमान ने इन्हीं तीनों नेताओं से दिल्ली सीएम के लिए रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखवाया. बीजेपी का यह प्लान सक्सेस भी हुआ और बिना किसी खींचतान के रेखा गुप्ता के नाम पर सहमति बन गई.
मध्य प्रदेश में भी इसी फॉर्मूले से हुई थी नए सीएम की एंट्री
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान बड़े कद्दावर नेता हैं. वह दो दशक से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. 2023 का विधानसभा चुनाव भी बीजेपी ने उन्हीं के चेहरे पर जीता लेकिन बीजेपी हाईकमान पहले ही उन्हें मुख्यमंत्री न बनाने का फैसला ले चुका था. ऐसे में पर्यवेक्षकों ने उन्हीं से मोहन यादव का नाम सीएम के लिए प्रस्तावित कराया.
राजस्थान में वसुंधरा राजे ने रखा भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश की तरह ही राजस्थान में भी यही तरीका अपनाया गया. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी को जीत हासिल हुई तो दो बार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जगह भजनलाल शर्मा को सीएम बनाया गया. तब विधायक दल की बैठक के दौरान पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने वसुंधरा को चिट्ठी दी, जिसमें भजनलाल शर्मा का नाम लिखा था. वसुंधरा यह नाम देखकर चौंक गईं लेकिन उन्हें इस नाम का प्रस्ताव रखना ही पड़ा.
गुजरात में भी यही हुआ
गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भूपेंद्र पटेल का नाम प्रस्तावित किया था. सितंबर 2021 में अपने इस्तीफे के बाद गुजरात में विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में बीजेपी हाईकमान ने विजय रूपाणी को गुजरात के नए मुख्यमंत्री के लिए भूपेंद्र पटेल का नाम प्रस्तावित करने का आदेश दिया. विजय रूपाणी ने ऐसा ही किया और पटेल को मुख्यमंत्री चुन लिया गया.
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