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Bihar Political Crisis Union Minister SP Singh Baghel Welcome Nitish Kumar And Attacked On Akhilesh Yadav Ann


Bihar Political Crisis: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) विपक्ष के गंठबंधन को छोड़कर एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए जिसके बाद राजनीतिक हलचल मची हुई है. नीतीश कुमार विपक्षी गठबंधन इंडिया के प्रमुख साथी थे पर अब उन्होंने एक बार फिर से पाला बदल दिया. नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ आने पर केंद्रीय राज्यमंत्री एस पी सिंह बघेल ने (S P Singh Baghel) की प्रतिक्रिया सामने आई है.

एस पी सिंह बघेल ने कहा कि में नीतीश कुमार का स्वागत करता हूं, हमारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है तो कुछ सोच कर ही लिया होगा, नीतीश कुमार एक अच्छे प्रशासक रहे है और पिछला चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था, विपक्ष के प्रधानमंत्री के चहरे और संयोजक बनने वाले जब खुद ही नही रहे तो इससे अनुमान लगा लो विपक्ष कहा है, इसलिए में हमेशा कहता हूं कि चुनाव के समय तीन शब्द आते है भय भगदड़ और भ्रम , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की लोकप्रियता के आगे विपक्ष में भय, भगदड़ और भ्रम की स्थिति है. दुरभ संधि के रूप इंडिया एक रूप ले रहा था.

बंगाल में ममता बनर्जी ने कहा है वो अकेले लड़ेंगी, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वो पंजाब में अकेले लड़ेंगे और उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी का सीटो का बटवारा तय नहीं हो पा रहा है. ऐसी शादियों का हनीमून से पहले तलाक हो जाती है. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर प्रधानमंत्री ने वंचित शोषित उपेक्षित जातियों में एक गौरव का संचार किया है, सोशल इंजरिंग का फार्मूला कर्पूरी ठाकुर का ही माना जाता है. 

अखिलेश यादव पर जुबानी हमला 
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एस पी सिंह बघेल ने कहा कि ‘बीजेपी ने आपके गठबंधन को बिल्कुल नोटिस में ही नही लिया, पिछली बार सपा और बसपा का गठबंधन हुआ था तब हमने नोटिस में लिया था वो एक पावर फुल गंठबंधन था. अखिलेश यादव के परिवार के पांच लोगो ने जातीय समीकरण के आधार पर टॉप फाइव सीट को चुना, बसपा का वोट लेने के बाद भी उनके घर के तीन लोग चुनाव हारे थे.

उन्होंने कहा कि यूपी में गठबंधन का कोई वोटर नही है, जो लोग विपक्ष के गठबंधन में प्रधानमंत्री के सपने देख रहे है में उनके पार्टी के चुनाव चिन्ह को नही जानता हूं तो जनता क्या जानती होगी? इस पार्टी और उनके नेता जो एक पार्षद नही बन सकते है वे लोग प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे है, जबकि प्रधानमंत्री बनने के लिए साफ छवि,ईमानदार, लोकप्रिय होना बहुत जरूरी है.”

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