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17 साल की उम्र में छोड़ा घर, कॉल सेंटर में की नौकरी, बालिका वधु में मिला छोटा सा रोल तो इस वजह से हुए शर्मिंदा



अंकित गुप्ता एक टैलेंटेड एक्टर हैं जिन्हें हाल ही में फैन्स से काफी पॉजिटिव अटेंशन और तारीफ मिल रही है. गुप्ता ने हाल ही में चंडीगढ़ में अपने शो जुनूनियत की शूटिंग पूरी की और अब मुंबई लौट आए हैं. पिंकविला के साथ एक खास बातचीत में अंकित गुप्ता ने इंडस्ट्री में अपने स्ट्रगल के दिनों के बारे में डिटेल में बात की. इस दौरान उन्होंने कम उम्र में घर छोड़कर थोड़े पैसे कमाने और भी कई एक्सपीरियंस के बारे में बात की.

अंकित गुप्ता ने याद किए पुराने दिन

उडारियां एक्टर ने शेयर किया कि इंदौर से जाने के बाद मुंबई में रहना उनके लिए बहुत चैलेंजिंग था. उनके लिए मुंबई में रहना मुश्किल हो गया क्योंकि यह इंदौर के हिसाब से बहुत महंगा था. मुंबई में एक सिंपल 1 बीएचके का किराया 20 से 25K तक होता था. इतनी तो पूरे महीने की सैलरी हुआ करती थी. उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई में लाइफ स्टाइल दूसरे शहरों के कम्पैरिजन में काफी अलग और महंगा है. 

कम उम्र में छोड़ा था घर

अंकित गुप्ता ने खुलासा किया कि उनके माता-पिता चाहते थे कि वह एनडीए करें. उन्होंने उससे एग्जाम भी दिलवाया. हालांकि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह इसके लिए एलिजिबल हैं या नहीं क्योंकि उन्होंने घर वापस आते समय पेपर्स फाड़ दिए थे. आखिर में उन्होंने अपने माता-पिता से कहा कि वह एक्टिंग करना चाहते हैं. घरवाले चाहते थे कि अंकित कोई स्टेबल नौकरी करें. घरवालों ने मना किया तो अंकित ने सत्रह साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया.

अंकित ने खुलासा किया कि इंदौर पहुंचने के बाद उन्हें नौकरियां मिलीं लेकिन दो कंपनियों में उन्हें बुरे एक्सपीरियंस हुए जिन्होंने उन्हें उनके काम के लिए सैलरी भी नहीं दी. अंकित ने कहा, शायद उन्हें लगा होगा कि मैं अच्छा परफॉर्म नहीं कर रहा हूं. इसके बाद मैंने एक कॉल सेंटर में काम किया. यहां पहली सैलरी के तौर पर मुझे 10,000 रुपये मिले. मैं बहुत खुश था क्योंकि मैंने कभी इतना पैसा नहीं देखा था.”

बालिका वधू और साड्डा हक करने पर अंकित गुप्ता

अंकित को बालिका वधू में एक रोल मिला और उन्होंने अपने रोल के लिए 4000 रुपये कमाए. वह बस से सेट पर पहुंचें. जब शो में किसी ने उन्हें पहचान लिया तो उन्हें बहुत शर्मिंदगी हुई. उन्होंने आगे कहा, “तब, मैं बहुत छोटा था. अब मुझे लगता है कि अगर कोई कम्फर्टेबल है तो वह रिक्शा, बस या कुछ और ले सकता है.”

जब उन्हें साड्डा हक मिला और शो पॉपुलर हो गया तो उनकी जिंदगी बदल गई. अंकित ने कहा कि इस शो के बाद उनकी लाइफ स्टेबल हो गई थी.



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