हिंदू गांव बसाने पर सियासी बवाल! धीरेंद्र शास्त्री के बाद अब्बास हफीज का ऐलान, 'अगर हिंदू का बनेगा तो…'
<p style="text-align: justify;">मध्य प्रदेश में एक नया मुद्दा इस समय चर्चा में है. दरअसल, दो दिन पहले बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू गांव बनाने का प्लान तैयार कर पहला जत्था रवाना किया था. इस फैसले के बाद राजनीति भी तेज हो गई है, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हाफ़ीज़ ने इसके लेकर बड़ा बयान दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग कर डाली कि यदि हिंदू गांव बनाया जा रहा है तो अन्य तीनों धर्म के गांव भी बसना चाहिए. </p>
<p style="text-align: justify;">अब्बास हाफ़ीज़ ने कहा, "मैंने संविधान सम्मत बात कही है. जिन्ना से जोड़ने की तो बात ही नहीं. बीजेपी विधायक राजनीति कर रहे हैं. अच्छा होता विधायक वर्ग विशेष गांव के बजाय हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई सबका एक गांव बनाने की बात करते." बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गांव-गांव, घर-घर जोड़ो सनातन अभियान शुरू करने का ऐलान करते हुए कहा था कि इसी माह एक नई मुहिम शुरू करने जा रहे हैं. इसका नाम है ‘गांव-गांव घर-घर जोड़ो सनातन अभियान.'</p>
<h3 style="text-align: justify;">क्या है गांव-गांव, घर-घर जोड़ो सनातन अभियान </h3>
<p style="text-align: justify;">इस अभियान के तहत गांव-गांव, घर-घर, नुक्कड़, गली-गली में बागेश्वर धाम के प्रकल्प को पहुंचाएंगे. हिंदू राष्ट्र के सपनों को साकार करने के लिए घर-घर से कट्टर हिंदुओं को बाहर लाया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि दुनिया को आप बदलना चाहते हैं, तो पहले देश को बदलें; देश को बदलना चाहते हैं, तो पहले जिलों को बदलें. इसी तरह समाज, घर और व्यक्ति को बदलना होगा. इसके साथ ही भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है, तो पहले हिंदू राज्य बनाना होंगे, हिंदू जिले और गांव बनाने होंगे, और हिंदू गांव, घर और कट्टर हिंदू बनाने होंगे. इसी के लिए एक प्रकल्प सुंदरकांड मंडल बागेश्वर धाम बनाया गया है. यह प्रकल्प इसी माह अप्रैल से शुरू होने वाला है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कही ये बड़ी बात</h3>
<p style="text-align: justify;">बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने आगे बताया कि इस अभियान के तहत बनाया गया दल, गांव-गांव जाकर एक मंडल बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल बनाएगा, जो सनातन के लिए कार्य करेंगे. गांव में पहुंचकर जो भी जर्जर मंदिर हैं और उनका जीर्णोद्धार जरूरी है, उसका जीर्णोद्धार किया जाएगा. इस मंडल में कितने भी लोग सम्मिलित हो सकते हैं और शर्त यह है कि भेदभाव, जातिपात, छुआछूत से ऊपर उठकर इस मंडल में सभी समाज के लोग सम्मिलित होंगे, एक साथ बैठेंगे. किसी भी प्रकार का सदस्यता शुल्क नहीं होगा.</p>
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