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विवादों से घिरी ‘नीट-यूजी’ परीक्षा से संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई


विवादों से घिरी ‘नीट-यूजी’ परीक्षा से संबंधित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था…


नई दिल्‍ली:

सुप्रीम कोर्ट आज नीट-यूजी (NEET-UG Paper Leak) परीक्षा को रद्द करने समेत उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी. केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था. साथ ही कहा था कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन लाखों ईमानदार स्टूडेंट को नुकसान होगा, जिन्होंने इस वर्ष 5 मई को आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था.

शिक्षा मंत्रालय का हलफनामा 

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया, “अखिल भारतीय परीक्षा में किसी बड़ी गड़बड़ी के सबूत के अभाव में पूरी परीक्षा और पहले से घोषित परिणाम को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा. बड़ी संख्या में छात्रों के हितों को भी खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी कथित अनुचित साधन को अपनाए परीक्षा दी है.”

NEET-UG परीक्षा मामले से जुड़े अपडेट

  • याचिकाकर्ता अब्दुल्ला मोहम्मद फैज़ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा.
  • याचिकाकर्ता ने कहा सीबीआई 6 एफआईआर में मामले की जांच कर रही है, जिसमें एक स्वयं द्वारा दर्ज की गई है और पांच राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से हैं. इससे पता चलता है कि एनईईटी पेपर लीक हो गया था और विभिन्न राज्यों में प्रसारित किया गया था. 
  • बिहार, झारखंड, मुंबई, अहमदाबाद आदि जैसे विभिन्न राज्यों में जांच एजेंसियों यानी, सीबीआई और ईओयू द्वारा की गई समाचार रिपोर्टों और गिरफ्तारियों से यह तथ्य स्पष्ट रूप से पता चलता है कि एनईईटी पेपर लीक हुआ था और बड़े पैमाने पर और विभिन्न राज्यों में प्रसारित किया गया. 
  • प्रथम दृष्टया सबूत हैं जो इस तथ्य को स्थापित करते हैं कि एनईईटी परीक्षा की पवित्रता से समझौता किया गया है और विभिन्न राज्यों में परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ था.
  • नकल या पेपर लीक होने से न केवल छात्र प्रभावित होते हैं, बल्कि ये घटनाएं समाज पर बड़ा प्रभाव छोड़ती हैं. 
  • NEET परीक्षा आयोजित करने में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के उपयोग के आरोप लगाए गए हैं, जिसे माननीय न्यायालय द्वारा नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और निष्पक्षता से सभी छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए. 

…तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए

हलफनामे में कहा गया है कि धोखाधड़ी और कदाचार समेत अनियमितताओं के कथित मामलों के संबंध में सीबीआई जांच कर रही है. सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को अपने हाथ में ले लिया है. केंद्र ने कहा कि वह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है. यदि कुछ आपराधिक तत्वों के इशारे पर प्रतियोगी परीक्षा की गोपनीयता भंग की गई है, तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए.

सरकार की परीक्षाओं को लेकर लागू हुआ नया नियम 

केंद्र सरकार ने कहा, “सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए संसद ने 12 फरवरी 2024 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 पारित किया. यह अधिनियम 21 जून 2024 को लागू किया गया है. अधिनियम के तहत पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) नियम, 2024 को भी 23 जून को अधिसूचित किया गया है.” हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक कोचिंग संस्थान की ओर से नीट-यूजी परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिट याचिका दायर करने पर आपत्ति जताई थी.
(आईएएनएस इनपुट के साथ…)





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