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वाराणसी में धधकती चिताओं के बीच लगे ठुमके, मणिकर्णिका घाट पर नगरवधूओं ने किया डांस



<p style="text-align: justify;"><strong>UP News:</strong> वाराणसी को परंपराओं मान्यताओं का शहर कहा जाता है. यहां होने वाले अनेक आयोजन परंपराओं से पूरी दुनिया अक्सर हैरान रहती है. इसी क्रम में चैत्र नवरात्र के सप्तमी तिथि को मणिकर्णिका घाट पर धधकती चिताओं के बीच नगरवधूएं नृत्य करती है. मान्यता है की मनुष्य के अंतिम संस्कार होने वाले इस स्थल पर वह अपनी श्रद्धा नृत्य के माध्यम से बाबा मसाननाथ के समक्ष अर्पित करती हैं, जिससे उन्हें अगले जन्म में मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन विधि विधान से बाबा मसान नाथ का पूजन आरती किया गया और परंपरा के तहत नगरवधुओं नें जलती चिताओं के बीच नृत्य भी किया.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">धर्मनगरी वाराणसी में चैत्र नवरात्र के दिन मणिकर्णिका घाट पर अनोखी परंपरा निभाई गई. इस दिन धधकती चिताओं के बीच नगरवधुएं नृत्य कर रही थी. वहां मौजूद लोग भी बड़े हैरान से इस दृश्य को देख रहे थे कि जहां एक तरफ लोग अपने परिजन का शवदाह कर रहें थे, वहीं दूसरी तरफ नगरवधुएं नृत्य करके बाबा मसाननाथ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित कर रही थी. कहा जाता है कि इस प्रकार की परंपरा का निर्वहन करने से नगरवधुओं को अगले जन्म में मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. इस दृश्य को लोग अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद करते नजर आए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सैकड़ो वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">वाराणसी में अनेक आयोजन किए जाते हैं. इसी क्रम में इस अनोखी परंपरा को भी सैकड़ो वर्षों से आयोजित किया जा रहा है. वाराणसी के दो प्रमुख घाट मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर काशी के साथ-साथ दूर दराज जनपद और राज्यों से भी लोग परिजनों का शवदाह करने के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में चैत्र नवरात्र की सप्तमी को होने वाले इस आयोजन को देख लोग हैरान हो जाते हैं.</p>
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