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वक्फ संशोधन विधेयक का राज्यसभा में पास होना तय! वोटिंग से पहले इस पार्टी ने किया विपक्ष के साथ बड़ा खेला


Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर गुरुवार (3 अप्रैल,2025) को राज्यसभा में वोटिंग होनी है. इसे लेकर राज्यसभा में चर्चा जारी है. इस बीच ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल ने विपक्ष की उम्मीदों को बड़ा झटका दे दिया है. नवीन पटनायक की पार्टी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि आज राज्यसभा में वोटिंग के लिए कोई व्हिप जारी नहीं किया है. 

बीजू जनता दल की ओर से जारी बयान के मुताबिक पार्टी ने अपने सांसदों से कहा है कि वह अपने हिसाब से मतदान कर सकते हैं. पार्टी की कोई लाइन नहीं है, जिसका पालन करना जरूरी है. हालांकि कुछ देर पहले बीजेडी के सांसद ने राज्यसभा में चली चर्चा के दौरान वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया था. राज्यसभा में बीजू जनता दल के 7 सांसद हैं. बीजेडी के इस स्टैंड से एनडीए की राह आसान हो गई है. वहीं, विपक्ष की मुश्किलें में इजाफा हो सकता है.

बीजेडी ने क्या कहा?

बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा, ‘बीजू जनता दल ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता के सिद्धांतों को कायम रखा है, सभी समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित किया है. हम वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 के बारे में अल्पसंख्यक समुदायों के विभिन्न वर्गों की ओर से व्यक्त की गई विविध भावनाओं का गहराई से सम्मान करते हैं. हमारी पार्टी ने इन विचारों पर सावधानीपूर्वक विचार करते हुए, राज्य सभा में हमारे माननीय सदस्यों को न्याय, सद्भाव और सभी समुदायों के अधिकारों के सर्वोत्तम हित में अपने विवेक का प्रयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी है, अगर विधेयक मतदान के लिए आता है, पार्टी का कोई व्हिप नहीं है.’

राज्यसभा में होनी है वक्फ बिल की असल परीक्षा

लोकसभा में बहुमत के साथ पारित हुए वक्फ बिल की असली परीक्षा राज्यसभा में होनी है क्योंकि राज्यसभा में एनडीए का बहुमत जरूरी संख्या पर ही स्थिर है. ऐसे में गठबंधन के किसी भी दल के सांसद का इधर-उधर वोट पड़ जाना, विधेयक को पास कराने की राह में रोड़ा हो सकता है. हालांकि बीजेडी के व्हिप जारी न करने से सत्ताधारी दल बीजेपी ने जरूर राहत की सांस ली होगी. बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद अपनी अंतर्माता की आवाज से वोटिंग कर सकते हैं.

क्या कहता है राज्यसभा का गणित?

राज्यसभा में 245 सांसद हो सकते हैं लेकिन मौजूदा समय में सदन के अंदर 236 सांसद ही हैं और 9 सीटें खाली हैं. कुल 12 सांसद नामित हो सकते हैं और इनकी सख्या अभी 6 है. ऐसे में बिल पास कराने के लिए कुल 119 सांसदों की जरूरत होगी. आंकड़ों को अगर देखें तो एनडीए के पास अभी बहुमत है. बीजेपी के 98 सांसद हैं और जेडीयू के 4, टीडीपी के दो और एनसीपी के 3 के अलावा गठबंधन की 10 और पार्टियों का एक-एक सांसद सदन में है.  

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