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वक्फ बिल पर संसद में 8 घंटे का महासंग्राम, यहां जानिए किसने क्या कहा?




नई दिल्ली:

लोकसभा में वक्फ बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस चल रही है. विपक्ष इस बिल को जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने और सत्ताधारी दल के फायदे का हथियार बता रहा है. वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि ये विधेयक गरीबों और मुस्लिम समुदाय के हित में है. बहस के लिए निर्धारित की गई 8 घंटे की चर्चा में दोनों ही पक्ष जोरदार तरीके से अपनी-अपनी बात रख रहे हैं. इस महत्वपूर्ण चर्चा में किस नेता ने क्या कहा, यहां जानिए…

कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा – अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ. वहीं गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में गैर-मुस्लिमों की कोई भूमिका नहीं होगी. कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा. धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है. हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं . यह एक बहुत गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा. यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है.

खाता न बही, जो वक्फ बोर्ड कहे वही सही? ऐसा अब नहीं होगा-  अनुराग ठाकुर

बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वक्फ को बदलने का वक्त आ गया है. क्योंकि ये अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. भारत को वक्फ के खौफ से आजादी चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां कह दिया जाता था कि यह वक्फ की जमीन है, वह जमीन वक्फ की हो जाती थी. लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था. इसका मतलब ये होता था कि खाता न बही, जो वक्फ बोर्ड कहे वही सही. ये विधेयक नहीं एक उम्मीद है.

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. यह साफ संदेश है कि नरेंद्र मोदी के राज में देश का कानून ही चलेगा. यह हिन्दुस्तान है, पाकिस्तान या तालिबान नहीं… यहां बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का ही संविधान चलेगा.

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वक्फ बिल में दो महिलाओं को मेंबर बनाने पर अखिलेश का तंज

सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं को मेंबर बना दिया है, बिहार में चुनाव है तो मैं भी देखूंगा कि बीजेपी वहां कितनी महिलाओं को टिकट देगी. मुसलमानों की बातें नहीं सुनी जा रही. ये देश तो मिली-जुली संस्कृति से ही चला है. वक्फ बिल आखिरकार उम्मीद कैसे है, हमें तो ये ही समझ नहीं आ रहा है.महाकुंभ में सबकी आस्था है, कुंभ कोई पहली बार नहीं हुआ. बीजेपी ने ऐसा प्रचार किया कि 144 सालों के बाद पहली बार हो रहा है.लोग घरों से निकल पड़े. सरकार ने 100 करोड़ की तैयारी का दावा किया लेकिन ऐसी तैयारी नहीं थी, जैसे वहां लोगों की जान गई.आप डिजिटाइलेशन कर रहे हैं. डेटा मेपिंग कर जमीनों के रिकॉर्ड ठीक करेंगे. ये बताइए कि महाकुंभ में किनकी जान गई.जो 1000 हिंदू खो गए, वो अभी तक नहीं मिले आखिर उनकी सूची कहां है. 

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किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच तीखी नोंकझोंक
वक्फ बिल पर संसद में बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली. गौरव गोगोई जब अपनी बात रख रहे थे तो उन्होंने किरेन रिजिजू पर सदन को मिसलीड करने का आरोप लगाया है. जिसके बाद मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आपने जो आरोप लगाया है कि मैंने मिसलीड किया है तो आप ये बताइए कि मैंने कौन सा पॉइन्ट मिसलीड किया है. आपको तर्क बताना होगा कि कहां मैंने मिसलीड किया है. पलटवार करते हुए कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि मंत्री ने जो 2013 के कांग्रेस गवर्नमेंट के बारे में कहा वो पूरा का पूरा मिसलीड है झूठ है. इन्होंने बार-बार मिसलीड किया है. इसलिए हम भी अपनी बात रखेंगे कृपया आप भी सुनने की ताकत रखिए. 

किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर क्या कहा? 
वक्फ बिल पेश करते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में वक्फ में ऐसे बदलाव किए गए जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया था. उन्होंने कहा कि वक्फ में तत्कालीन यूपीए सरकार ने ऐसे बदलाव किए कि मौजूदा संसद तक पर वक्फ ने दावा किया था. अगर मोदी सरकार न आती तो बहुत संभव है कि डिनोटिफाई की गई बाकी संपत्तियों की तरह संसद की यह भूमि भी होती.

कांग्रेस की तरफ से गौरव गोगोई, मोहम्मद जावेद,इमरान मसूद पार्टी का पक्ष रखेंगे. वहीं समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव, मोहिबुल्लाह नदवी, इकरा हसन पार्टी का पक्ष रखेगी.  एनडीए के घटक दलों में लोजपा से अरुण भारती,  जदयू से लल्लन सिंह पार्टी का पक्ष सदन में रखेंगे. 

वक्फ संशोधन बिल के पेश करने पर केसी वेणुगोपाल ने सवाल उठाया.  इस पर स्पीकर बिरला ने कहा कि सभी गैर सरकारी और सरकारी संशोधन प्रस्ताव, दोनों को बराबर का समय दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों में कोई भेदभाव नहीं किया गया है.

अमित शाह ने कहा कि बिल संयुक्त संसदीय समिति को गया था. विपक्ष की भी यही मांग थी. कमिटी के सुझाव कैबिनेट के पास गए. भारत सरकार ने इसे स्वीकार किया. संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए हैं. कैबिनेट के अनुमोदन के बिना कोई भी संसोधन बिल में शामिल नहीं किए गए हैं. कमिटी ने कोई बदलाव ही नहीं करने थे, तो यह कांग्रेस के जमाने की कमिटी नहीं है. अगर कमिटी ने कोई विचार ही नहीं करने हैं, तो फिर कमिटी किस बात की है.

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ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने भी बिल की आलोचना की है. उन्होंने कहा, “सरकार को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के सुझावों को गंभीरता से लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यह बिल वक्फ की संपत्तियों को नष्ट करने की साजिश है.  

रणनीति बनाने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन ने की बैठक
विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ ने मंगलवार को एकजुटता दिखाते हुए संसद में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की. इस विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए पहले लोकसभा में लाया जाएगा. विपक्षी दलों ने संसद भवन में बैठक की, जिसमें इस विवादास्पद विधेयक को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, राकांपा नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और आप के संजय सिंह शामिल हुए.

(इस कॉपी को लगातार अपडेट किया जा रहा है)






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