भारत में बेरोजगारी दर 4.8 से घटकर 3.2 फीसदी हुई, सरकार ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया

India’s Success Story: भारत में बेरोजगारी दर 4.8 से घटकर 3.2 फीसदी हुई. सरकार ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया है कि पिछले पांच सालों में देश में 15-29 आयुवर्ग में बेरोज़गारी दर में 33 फीसदी की कमी आई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के मुताबिक़ 2019-20 में जहां इस आयु वर्ग में बेरोज़गारी दर 15 फ़ीसदी थी, वहीं 2023-24 में ये दर घटकर 10.2 फ़ीसदी रह गई. इसी तरह देश में इस दौरान आम बेरोजगारी दर भी 4.8 फ़ीसदी से घटकर 3.2 फ़ीसदी हो गई. सरकार ने ये आंकड़ा हर साल होने वाले Periodic Labour Force Survey को आधार बनाकर दिया है.
यूपी का आंकड़ा भी यही कह रहा
यही हाल देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का भी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर 2016-17 में 19 प्रतिशत थी, जो आज घटकर तीन प्रतिशत पर आ गई है. उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है और अब उत्तर प्रदेश एक लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है.उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में आठ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, एमएसएमई क्षेत्र में दो करोड़ से अधिक युवा स्वरोजगार से जुड़े और 50 लाख युवाओं को टैबलेट एवं स्मार्टफोन देकर डिजिटल सक्षम बनाया गया.
IMF के जीडीपी पर दावे
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष या IMF के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दशक में भारत की जीडीपी में 105 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है. IMF के अनुसार, भारत की जीडीपी वर्तमान में 4.3 ट्रिलियन डॉलर है. 2015 में जीडीपी 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी, जब नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री के रूप में पहला कार्यकाल एक साल से भी कम समय का था. तब से, भारत ने सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी के मामले में अपनी अर्थव्यवस्था को दोगुना से भी अधिक कर लिया है.
जल्द जापान को पीछे छोड़ेगा भारत
भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जापान को पीछे छोड़ने के कगार पर है. जापान की जीडीपी वर्तमान में 4.4 ट्रिलियन डॉलर है और भारत 2025 की तीसरी तिमाही तक उस आंकड़े को पार कर जाएगा. अगर विकास की औसत दर इसी तरह जारी रही, तो भारत 2027 की दूसरी तिमाही तक जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा. जर्मनी अभी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.