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अमेरिका ने की 'दोस्त' संग दगा! जानिए ट्रंप के टैरिफ लगाने पर पहली बार क्या बोला भारत



<p style="text-align: justify;">वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने और देश पर इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है. उन्होंने यहां पीएफआरडीए द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि (अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप के लिए यह अमेरिका को पहले रखने जैसा है. लेकिन (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी भारत को पहले रखते हैं. उन्होंने आगे कहा कि, ‘हम अमेरिका द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्क के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं.'</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं भारत पर इस टैरिफ के असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसका आकलन अभी जारी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत पर 27% रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत उच्च आयात शुल्क वसूलता है, ऐसे में अब देश के व्यापार घाटे को कम करने और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>भारत के निर्यात पर असर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस कदम से अमेरिका को भारत के निर्यात पर असर पड़ने के आसार हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जिन्हें हमसे ज्यादा शुल्क का सामना करना पड़ेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए उच्च शुल्कों का मुकाबला करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए लगभग 60 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है.</p>
<p><strong>वाणिज्य मंत्रालय कर रहे रेसिप्रोकल टैरिफ का विश्लेषण</strong></p>
<p>वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26 प्रतिशत के जवाबी शुल्क के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.</p>
<p>अधिकारी ने बताया, अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10% का शुल्क पांच अप्रैल से और शेष 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा. अधिकारी ने कहा, ‘मंत्रालय इन शुल्कों के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है.'</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है. भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है. दोनों देश इस साल की शरद ऋतु (सितंबर-अक्टूबर) तक समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.</p>
<p><strong>झटना नहीं बल्कि मिला जुला नतीजा</strong></p>
<p>अधिकारी ने कहा, &lsquo;&lsquo;यह भारत के लिए एक झटका नहीं, बल्कि मिला-जुला नतीजा है.&rdquo; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न देशों से आयात पर शुल्क लगाने की घोषणा करते हुए भारत द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्कों का भी जिक्र किया है.</p>
<p>उन्होंने भारत पर 26 प्रतिशत का &lsquo;रियायती जवाबी शुल्क&rsquo; लगाने की घोषणा करते हुए कहा, ‘यह लिबरेशन डे है, एक लंबे समय से प्रतीक्षित क्षण. दो अप्रैल, 2025 को हमेशा के लिए उस दिन के रूप में याद किया जाएगा, जिस दिन अमेरिकी उद्योग का पुनर्जन्म हुआ, जिस दिन अमेरिका के भाग्य का पुनः उदय हुआ, और जिस दिन हमने अमेरिका को फिर से समृद्ध बनाना शुरू किया. हम इसे समृद्ध, अच्छा और समृद्ध बनाने जा रहे हैं.&rdquo;</p>



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